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चौथी बार बिहार के मुख्यमंत्री हुए नितीश कुमार

पटना। अपने इस्तीफे के नौ महीने बाद जदयू नेता नितीश ने रविवार को फिर से बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली और इस तरह राज्य में जीतन राम मांझी के साथ सत्ता संघर्ष को लेकर चल रहे राजनीतिक नाटक का पटाक्षेप हो गया।
बिहार के चाणक्य कहे जाने वाले 63 वर्षीय नीतीश को राज्यपाल केसरीनाथ त्रिपाठी ने राजभवन में आयोजित एक भव्य समारोह में पद की शपथ दिलाई। इस तरह वह साल के आखिर में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले चौथी बार मुख्यमंत्री बन गए।
कुमार के अलावा तीन महिलाओं सहित 22 मंत्रियों को पद की शपथ दिलाई गई, ये सब उनके विश्वस्त हैं।
इन 22 मंत्रियों में से 20 ने मांझी सरकार से इस्तीफा दे दिया था जबकि दो अन्य पी. के. शाही और राजीव रंजन सिंह उर्फ लल्लन सिंह को पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने बख्रास्त कर दिया था।
शपथ ग्रहण करने के कुछ ही देर बाद कुमार ने मुख्यमंत्री बनने पर बधाई दिए जाने पर प्रधानमंत्री मोदी का शुक्रिया अदा किया और कहा कि राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता नहीं है और वह प्रधानमंत्री से मुलाकात करेंगे तथा राज्य के विकास के लिए केंद्र..राज्य के बीच सहयोग चाहेंगे।
कुमार ने संवाददाताओं से कहा, ‘राजनीतिक रूप से हम एक दूसरे के आमने सामने हो सकते हैं। लेकिन बिहार के विकास के लिए उनसे मिलने में मुझे कोई हिचक नहीं होगी और केंद्र..राज्य के बीच अच्छे सहयोग पर जोर दिया जाएगा।’
मोदी ने इससे पहले ट्वीट किया ‘बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के लिए नीतीश कुमार को बधाई और शुभकामनाएं।’ मांझी ने पार्टी नेतृत्व की अवज्ञा करते हुए कुमार के लिए मुख्यमंत्री का पद छोड़ने से इनकार कर दिया था। हालांकि, मांझी पर इस अवसर पर मौजूद थे। कुमार ने उनसे भी हाथ मिलाया।
पुराने जनता परिवार के प्रमुख नेताओं के अलावा कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस से प्रमुख नेता और बाबूलाल मरांडी के झारखंड विकास मोर्चा के नेता मौजूद थे। पूर्व प्रधानमंत्री एच. डी. देवेगौड़ा सहित कई मुख्यमंत्रियों – ममता बनर्जी (पश्चिम बंगाल), अखिलेश यादव (उत्तर प्रदेश), तरूण गोगोई (असम) और आईएनएलडी नेता अभय चौटाला भी शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए।
पूर्व प्रधानमंत्री एच. डी. देवेगौड़ा, असम, पश्चिम बंगाल और उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री क्रमश: तरूण गोगोई, ममता बनर्जी और अखिलेश यादव, जद यू अध्यक्ष शरद यादव और आईएनएलडी नेता अभय चौटाला, समाजवादी जनता पार्टी के कमल मोरारका, राकांपा नेता तारिक अनवर और कांग्रेस के मोतीलाल वोरा, सी. पी. जोशी, श्रीकांत जेना, कृपाशंकर सिंह ने अपनी मौजूदगी दर्ज करा इसे राजनीतिक रूप से बड़ा समारोह बना दिया।
बाद में नीतीश ने कहा कि राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद अपनी बेटी की शादी में व्यस्त होने के कारण नहीं आ सके और इसी कारण सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव भी नहीं आए।
जिन मंत्रियों ने पद की शपथ ली है उनमें विजय कुमार चौधरी, विजेन्द्र प्रसाद यादव, रमई राम, दामोदर राउत, नरेन्द्र नारायण यादव, पी. के. शाही, श्याम रजक, अवधेश कुशवाहा, लेसी सिंह, दुलाल चंद गोस्वामी, राजीव रंजन उर्फ लल्लन सिंह, श्रवण कुमार, रामलषण राम रमन, रामधनी सिंह, जय कुमार सिंह, मनोज कुमार सिंह, जावेद इकबाल अंसारी, बीमा भारती, रंजू गीता, वैद्यनाथ सहनी, विनोद सिंह यादव और नौशाद आलम शामिल हैं।
आज के शपथ ग्रहण समारोह के साथ ही 63 वर्षीय नीतीश फिर से मुख्यमंत्री पद पर आरूढ़ हो गए हैं, जो उन्होंने लोकसभा चुनावों में हार के बाद 17 मई 2014 को छोड़ दिया था। नीतीश ने कहा कि वह मांझी सरकार द्वारा किए गए फैसलों की समीक्षा करेंगे। (भाषा)

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