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बारिश से फसलें बर्बाद, किसान ने फांसी लगा दी जान

लखनऊ. बेमौसम हुई बारिश से किसानों के चेहरों पर मायूसी छा गई है। फसलों की हुई बबार्दी से आहत बुंदेलखंड के एक किसान ने फंसी लगाकर आत्‍महत्‍या कर ली। प्रदेशभर में रविवार से हो रही बारिश ने फसलों को सबसे ज्‍यादा नुकसान पहुंचाया है। गेहूं, आलू, सरसों और दलहन की फसलें बारिश से सबसे ज्‍यादा प्रभावित हुई हैं। बारिश तो बारिश तेज हवाओं ने भी फसल बरबाद करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। मौसम विभाग की मानें तो अभी एक दिन और बारिश हो सकती है।
यूपी के गोरखपुर, इलाहाबाद, मेरठ, सहारनपुर, अलीगढ़ सहित कई शहरों में बारिश ने कहर बरसाया है। किसान अब इस सोच में पड़ गया है कि आने वाले दिनों में मंडियों में अनाज कैसे उपलब्‍ध कराया जाएगा। इससे एक बात तो साफ है कि फसलों की हुई बर्बादी के बाद मंडियों में अनाजों के दामों में बढ़ोत्‍तरी आ सकती है।

आपको बता दें, यूपी, दिल्ली सहित कई राज्‍यों में बारिश हो रही है। होली से पहले हुई बारिश से एक तरफ जहां फसलों पर प्रभाव पड़ा है वहीं तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई।किसानों का कहना है कि यदि मौसम में हुए परिवर्तन से गेहूं, जौ, आलू और रवि की फसलो में बारिश का दुष्प्रभाव पड़ा है। आलू के खेतों में पानी भरने से खुदाई नहीं हो पाएगी। इससे आलू खराब होने का खतरा बढ़ जाएगा। वहीं गेहूं और जौ की फसल तेज हवा के कारण खराब हो गई है। उनका कहना है कि इससे उत्पादन में कमी आ सकती है।
सहारनपुर में भी फसलों का कुछ ऐसा ही हाल है। यहां हजारों बीघा गेहूं और गन्ने की फसल क्षतिग्रस्त हो गई। बारिश से सबसे ज्‍यादा गेहूं की फसल प्रभावित हुई। जिले में तेज हवाओं के कारण करीब 9 हजार बीघा फसल जमीन पर बिछ गई। अगेती प्रजाति के गेहूं में इन दिनों बालियां निकलना शुरू हो जाती है। बारिश के कारण बालियों में पानी भर गया। इससे गेहूं का दाना काला पड़ने और छोटा रहने की संभावना बन गई है। पछेती प्रजाति की फसल को बारिश कुछ हद तक फायदा पहुंचा सकती है।

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