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आपातकाल का वह दौर देश की दूसरी आजादी की लड़ाई जैसा ही था-चतुर्भुजत्रिपाठी

 लखनऊ !अपातकाल  की इक्तालिस्वीं वर्षगांठ के मौके पर  लोकतंत्र सेनानी कल्याण परिषद्  के आह्वाहन पर  दिल्ली स्थित मावलंकर हाल मेंलोकतंत्र सेनानियों का विशाल सम्मलेन संपन्न हुआ . परिषद् के राष्ट्रीय अध्यक्ष  रवि दास मेहरोत्रा की अध्यक्षता में हुए  इस सम्मलेन में देश के विभिन्न प्रान्तों से आये लोकतंत्र सीनानियों ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया  सम्मलेन का सञ्चालन लोकतंत्र सेनानी कल्याण परिषद्  के राष्ट्रीय महासचिव चतुर्भुज त्रिपाठी ने किया !
      लोकतंत्र सेनानियों  को संबोधित करते हुए लोकतंत्र सेनानी कल्याण परिषद्  के अध्यक्ष स्वतंत्र प्रभार राज्य मंत्री रविदास मेहरोत्रा ने केंद्र में बैठे प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी से लोकतंत्र सेनानियों को स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की भांति सुविधाए दिए जाने की जोरदार मांग की तथा कहा की माननीय मुलायम सिंह जी ने लोकतंत्र सेनानियों के लिए काफी कुछ किया है अब प्रधान मंत्री जी के करने के बारी है !सम्मलेन को संबोधित करते हुए लोकतंत्र सेनानी कल्याण परिषद्  के राष्ट्रीय महासचिव चतुर्भुज त्रिपाठी ने कहा की जून १९७५ से मार्च १९७७ के बीच का आपातकालीन दौर देश की दूसरी आजादी की लड़ाई से कम नहीं था आपातकाल के दौरान अखबारों तक को सेंसर कर दिया गया था तथा नागरिकों के सभी समवैधानिक अधिकार  समाप्त कर दिए गए थे. सरकार के खिलाफ मुह खोलने वाले को तरह तरह की यातनाये तक दी जा रही थी और लोकतंत्र सेनानी नागरिकों के अधिकार की लडाई लड़ने में पीछे नहीं थे . ऐसे में  लोकतंत्र सेनानियों को स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की तरह सारी सुविधाएँ दिए जाने में केंद्र सरकार को कोई गुरेज़ नहीं करना चाहिए .श्री त्रिपाठी ने कहा की २९ सालों के लम्बे संघर्ष के बाद सपा मुखिया मुलायम सिंह जी ने लोकतंत्र सेनानियों के हितार्थ जो  कदम बढाए  उसका लोकतंत्र सेनानी सम्मान करते हैं केंद्र सरकार को भी लोकतंत्र सेनानियों के प्रति ध्यान देना चाहिए और उन्हें स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की तरह सारी सुविधायें दी जानी चाहिए. सम्मलेन  में  सांसद भैरों प्रसाद, प्रोफेसर इकबाल हुशैन, प्रदेश सचिव मुन्नू लाल दुवेदी सहित विभिन्न प्रान्तों आये  लोकतंत्र सेनानियों ने आपातकाल की यादें ताज़ा करते हुए अपने अपने विचार व्यक्त किये !

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