Breaking News

‘तिरंगे’ पर पीएम मोदी के हस्ताक्षर, बढ़ा विवाद

 दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कपड़े की एक पेंटिंग पर हस्ताक्षर किए जाने के बाद विवाद खड़ा हो गया है। सोशल मीडिया पर आलोचकों और कांग्रेस ने इसे राष्ट्रीय ध्वज का अपमान बताया है, जबकि सरकार ने इन आलोचनाओं को पूरी तरह खारिज कर दिया है।
 यह है मामला :
कपड़े का यह टुकड़ा विशेष रूप से सक्षम एक लड़की की हस्तशिल्प कृति है और मोदी ने इस पर तब हस्ताक्षर किए, जब उस लड़की ने सेलिब्रिटी शेफ विकास खन्ना के साथ उनसे मुलाकात की थी। शेफ ने जब प्रधानमंत्री के हस्ताक्षर वाला कपड़े का टुकड़ा मीडिया को दिखाया तो सोशल मीडिया में आलोचनाएं शुरू हो गई। विपक्षी कांग्रेस ने इसे लेकर हमला बोल दिया। गौरतलब है कि खन्ना ने गुरुवार रात फॉर्च्यून 500 में सूचीबद्ध कंपनियों के सीईओ के साथ प्रधानमंत्री मोदी के रात्रिभोज का मेन्यू तैयार किया था।

सरकार का बयान:
पत्र सूचना कार्यालय में महानिदेशक (मीडिया और संचार) फ्रेंक नोरोन्हा ने इस बात से इनकार किया कि प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय ध्वज पर हस्ताक्षर किए थे। नोरोन्हा ने कहा कि वह कपड़े का टुकड़ा एक ‘विशेष रूप से सक्षम’ लड़की की हस्तशिल्प रचना थी और प्रधानमंत्री ने करुणा के आधार पर उस पर हस्ताक्षर किए थे। 
 नोरोन्हा ने कहा, ‘उस कपड़े के टुकड़े पर न तो सफेद रंग है और न ही चक्र है। उसे लड़की ने अपने पैर के अंगूठे से बनाया है और प्रधानमंत्री ने उसके प्रति करुणा दिखाई।’ उन्होंने कहा कि इसे जब्त नहीं किया गया है जिस तरह की खबरें आई हैं। गौरतलब है कि पहले यह खबर भी सामने आई थी कि अधिकारियों ने यह जांचने के लिए कि इससे ध्वज संहिता का उल्लंघन तो नहीं हुआ है इसे जब्त कर लिया था।

क्या है ध्वज संहिता :
भारतीय ध्वज संहिता, 2002 के अनुसार भारत के राष्ट्रीय ध्वज पर किसी तरह का कुछ भी अंकित करना राष्ट्रीय ध्वज का अपमान होता है। इसमें यह भी कहा गया है कि तिरंगे पर किसी तरह का कुछ लिखा नहीं जाएगा।
 राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान सबकी जिम्मेदारी : कांग्रेस

‘हम भाजपा की तरह संकीर्ण सोच वाले नहीं हैं। हम प्रधानमंत्री के पद का सम्मान करते हैं। प्रधानमंत्री को इस बारे में विचार करके सुधारात्मक कदम उठाने चाहिए क्योंकि राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान करना 125 करोड़ जनता की जिम्मेदारी है और उससे भी अधिक प्रधानमंत्री की है। आप ऊंचे पद पर बैठे हो सकते हैं, लेकिन राष्ट्रीय ध्वज आपसे ऊपर है। आपको इसे समझना चाहिए।”
– रणदीप सुरजेवाला मुख्य प्रवक्ता, कांग्रेस
 ‘क्या प्रधानमंत्री ने ध्वज संहिता 2002 के पैरा 2.1, सब पैरा 6 और पैरा 3.28 पढ़ा है, जिसमें लिखा है कि राष्ट्रीय ध्वज पर लिखना दुरुपयोग करना है। इसके लिए पीआईएनएच कानून 2003 के तहत तीन साल की कैद की सजा का प्रावधान है।”

About Jan Jagran Media Manch

A group of people who Fight Against Corruption.

Check Also

deshraj

फर्जी सरकारी नौकरी का नियुक्त कार्ड बांट लोगों से करोड़ों ठगी करने वाला गिरफ्तार, जाली नियुक्ति पत्र और पहचान पत्र हुए बरामद

सरकारी नौकरी दिलाने का दावा कर धोखाधड़ी करने वाले दो शातिर ठगों को एस टी …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *