Breaking News

नेपाल की तरह भारत में भी तबाही मचा सकता है भूकंप-एक्सपर्ट

काठमांडू. सनिवार व रविवार  को आए नेपाल में  भूकंप से भले ही पूरा देश हिल गया हो और 2500 से ज्यादा लोगों की जान गई लेकिन अभी बड़ी तबाही आना बाकी है। वैज्ञानिकों की मानें तो सेंट्रेल हिमालयन रिजन में आया यह भूकंप 80 सालों का एक बड़ा झटका था लेकिन अभी ‘सबसे बड़ा’ भूकंप आना बाकी है। एक्पर्ट्स का कहना है कि हिमालयन रिजन में अगला भूकंप आने पर भारत में भी नेपाल की तरह तबाही मच सकती है। अहमदाबाद बेस्ड सिसमोलॉजिकल रिसर्च इंस्टिट्यूट के डायरेक्टर जनरल बीके रस्तोगी ने कहा, ”भारत में इस तीव्रता पर एक भूकंप अभी आना ‘बाकी’ है। यह आज आ सकता है या फिर 50 साल के बाद लेकिन इतनी तीव्रता वाला भूकंप आना तय है। भारत में भूकंप कश्मीर, हिमाचल, पंजाब और उत्तराखंड में हिमालय की पहाड़ियों में आ सकता है। सेसमिक गैप इस रिजन में बढ़े हैं जिनकी पहचान की गई है।”
 ‘नेपाल से अधिक शक्तिशाली भूकंप आ सकता है’
भूगर्भ वैज्ञानिक जेके बंसल ने कहा कि नेपाल से अधिक शक्तिशाली भूकंप के आने की आशंका अभी हिमालय और उसके आसपास के इलाकों में बनी है। विशेषज्ञों की मानें तो उत्तर भारत और दिल्ली में इतनी तीव्रता वाले भूकंप आने पर सबसे ज्यादा तबाही मचेगी, क्योंकि इन हिस्सों में बनी बिल्डिंग्स 7 रिक्टर से ज्यादा भूकंप सहन नहीं कर सकती हैं। इधर, मौसम विभाग के डायरेक्टर एल एम राठौड़ ने लोगों को बारिश और भूस्खलन वाले इलाकों से दूर रहने की सलाह दी है। साथ ही उन्होंने कहा कि लोग अफवाहों पर ध्यान न दें।

हफ्ते भर पहले वैज्ञानिकों ने किया था नेपाल का दौरा, जताई थी आशंका
सूत्रों का कहना है कि कुछ विशेषज्ञों को इस आपदा की जानकारी थी। एक हफ्ते पहले ही 50 भूकंप और सोशल साइंटिस्ट विश्वभर से काठमांडू पहुंचे थे। इंग्लैंड के कैंब्रिज यूनिवर्सिटी के अर्थ साइंस डिपार्टमेंट के हेड जेम्स जैक्सन ने कहा, ”यह एक ऐसा बुरा सपना था जिसके बारे में हम जानते थे और इसके बीत जाने का इंतजार कर रहे थे। नेपाल की धरती पर वही हुआ जो हमने सोचा था।”
 
नहीं निकल पा रहा कोई हल
भूकंप आने से हफ्ते भर पहले नेपाल का दौरा करने वाले वैज्ञानिकों की टीम को यह एहसास नहीं था कि जिस भयावह आपदा का वो अनुमान लगा रहे हैं वह इतनी जल्दी आ जाएगी। वैज्ञानिक प्रयास कर रहे हैं कि कोई ऐसा तरीका तलाशा जाए जिससे भूकंप के आने की संभावना का पता लगाया जाए, लेकिन अभी इसमें कोई कामयाबी नहीं मिली है।
हर साल 5 MM ऊपर उठ रहा हिमालय, इसीलिए आते हैं भूकंप
नेपाल में शनिवार को आए भूकंप से भारी तबाही हुई है और इसे 1932 के बाद सबसे बड़ा भूकंप माना जा रहा है। नेपाल में भूकंप आते रहते हैं और इसीलिए उसे दुनिया से सबसे ज़्यादा भूकंप संभावित इलाकों में एक माना जाता है। बीबीसी के अनुसार इस क्षेत्र में पृथ्वी की इंडियन प्लेट (भारतीय भूगर्भीय परत) यूरेशियन प्लेट के नीचे दबती जा रही है और इससे हिमालय ऊपर उठता जा रहा है। हर साल लगभग पांच सेंटीमीटर ये प्लेट यूरेशियन प्लेट के नीचे जा रही है और इससे हर साल हिमालय पांच मिलीमीटर ऊपर उठता जा रहा है। इससे चट्टानों के ढांचे में एक तनाव पैदा हो जाता है। जब ये तनाव चट्टानों के बर्दाश्त के बाहर हो जाता है तो ये भूकंप आता है।
 
एवरेस्ट हिला, 2 बेस कैंप ध्वस्त
एवरेस्ट बेस कैंप के पास हिम-स्खलन हुआ। इसमें 18 लोगों की मौत हो गई। बेस कैंप नंबर 1 और 2 नष्ट हो गए हैं। भारतीय पर्वतारोही अर्जुन वाजपेयी ने बताया कि कुछ टीमें फंसी हो सकती हैं। 700 पर्वतारोही एवरेस्ट के इलाके में हैं। फोन बंद होने से उनका पता नहीं चल रहा है।

About Jan Jagran Media Manch

A group of people who Fight Against Corruption.

Check Also

लॉकडाउन में खोलकर बैठ गया फर्जी स्टेट बैंक की ब्रांच 3 माह बाद पकड़ा गया

 तमिलनाडु पुलिस ने  फर्जी बैंक खोलने वाले तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। कडलोर …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *