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Tuesday 12 November 2019
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पत्रकार पवन जयसवाल के खिलाफ की गई कार्यवाही की निंदा

पत्रकार पवन जयसवाल के खिलाफ की गई कार्यवाही की निंदा
ग्लोबल जर्नलिस्ट एसोसिएशन ने मिर्ज़ापुर में पत्रकार पवन जयसवाल पर की गई प्रशाशनिक कार्यवाही की कड़े शब्दों में भर्त्सना की है एसोसिएशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुरेश यादव ने यू पी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से पत्रकार पवन जायसवाल पर दर्ज की गई एफ आई आर को तत्काल रद्द कर साजिश में शामिल अधिकारियों कर्मचारियों के खिलाफ आवश्यक कार्यवाही किये जाने की मांग करते हुए कहा कि आज प्रदेश में यह स्थित हो गई है कि ख़बर लिखने वाले पत्रकार ही खुद खबर बन रहे हैं मिर्ज़ापुर में पत्रकार जयसवाल के साथ हुई कार्यवाही इस बात की सूचक है कि उत्तर प्रदेश में ऐसे किसी भ्रष्ट व्यवस्था के खिलाफ किसी पत्रकार ने कलम चलाई जिसमें सरकार की किरकिरी की सम्भावना हुई तो उसकी खैर नहीं।
श्री यादव ने कहा कि वहां एक स्कूल में मिड डे मील में बच्चों को सिर्फ नमक-रोटी परोसे जाने की खबर को वहां के स्थानीय लोगों के निवेदन पर जिस पत्रकार ने उजागर किया उसके खिलाफ प्रशासन ने  मुक़दमा कर दिया और इस मुकदमे के लिए जो दलीलें दी जा रही हैं, वो दिलचस्प हैं. मिर्ज़ापुर के डीएम अनुराग पटेल का कहना है कि प्रिंट मीडिया के पत्रकार पवन जायसवाल ने मिड डे मील का वीडियो कैसे बनाया ,वो प्रिंट मीडिया के होकर फ़ोटो खींचते शायद डी एम महोदय को यह भी नही पता कि वर्तमान में हर अखबार की वेबसाइट है और हर न्यूज़ चैनल का प्रिंट डिजटल भी है  एक डीएम की ऐसी बयानबाज़ी हतप्रभ करती है
पत्रकार पवन जयसवाल के खिलाफ की गई कार्यवाही की निंदा करते हुए जन जागरण मीडिया मंच के राष्ट्रीय महासचिव रिज़वान चंचल ने कहा कि प्रशासन द्वारा पत्रकार जयसवाल पर की गई कार्यवाही से पत्रकारों में व्यापक आक्रोश है यदि तत्काल पत्रकार जयसवाल के विरुद्ध दर्ज FIR नहीं हटाई गई तो पत्रकार संगठन एक जुट हो उग्र प्रदर्शन से पीछे नही हटेंगें।
श्री चंचल ने कहा कि खबर लिखने वाले आज खबर बन रहें हैं अपराधियों के हौसले बुलंद है हाल ही में एक पत्रकार व उसके भाई को अपराधियों ने उसी के घर पर चढ़कर मार डाला था और नौ दो ग्यारह हो गए,कैमरे तोड़ दिए गए और तो और ओबी वैन तक आग के हवाले कर दी गई, गोली खाने वाले पत्रकारों की फेहरिस्त भी  लम्बी हो चली है.आज ऐसी स्थित बन आयी है कि खबरों को कबर करने में जहाँ पत्रकार अपनी जान माल की बाजी लगाने के बावजूद द्रश्य कवर नहीं कर पा रहें हैं वहीं उन्हें इसकी कीमत कहीं कहीं जान देकर चुकानी पड़ रही है. दिनोदिन बढ़ती जा रही इन घटनाओं के बारे में भी हम सभी पत्रकारों को गंभीरता से सोचना होगा और सभी पत्रकार साथियों मीडिया संस्थानों को संगठित भी होना होगा अब पत्रकारों को मनभेद मतभेद भुलाकर इस पर मंथन भी करना होगा वरना हमलावरों के हौसले बढते जायेंगें. अभी कवरेज में कुछ द्रश्य छूट रहे है आगे बहुत कुछ न केवल छोड़ना ही पडेगा बल्कि सत्ता के इशारों पर नाचने पर भी मजबूर होना पड़ेगा. देश में मीडिया के विरूद्ध जिस तरह का वातावरण बनाया जा रहा है फिलहाल उसका असर भी दिखाई पड़ने लगा है  जिसका जीता जगता उदाहरण पवन जयसवाल पर दर्ज आपराधिक मुकदमा और पिछले दिनों हुई पत्रकारों की गिरफ्तारियाँ हैं ।


A group of people who Fight Against Corruption.


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