Breaking News

मालिकों के भरोसे ना रहकर खुद को मजबूत करें पत्रकार

राजधानी दिल्ली स्थित ‘गांधी शान्ति प्रतिष्ठान’ के सभागार में मीडिया सम्मान समारोह का भव्य आयोजन सम्पन्न हुआ जिसमे विभिन्न प्रदेशों के साहित्यकारों, पत्रकारों और समाजसेवियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया यह सम्मान समारोह राष्ट्रीय पत्रिका पटेल टाइम्स के बीस साल पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था ।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के पिता नंद कुमार बघेल जी उपस्थित रहे जो स्वयं प्रख्यात लेखक हैं । उन्होंने पत्रकारों को अब मालिकों के भरोसे ना रहकर खुद को मजबूत बनाने और स्वच्छ पत्रकारिता करने के लिए अपना सुझाव दिया, सम्मान समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में साहित्यकार पत्रकार पद्मश्री डाक्टर श्याम सिंह ‘ शशि’ जी थे जिन्होंने कार्यक्रम के प्रथम सत्र की अध्यक्षता भी निभाई ! जर्मनी से आये वैज्ञानिक बौद्धनेतिजी ने महात्मा बुद्ध पर प्रकाश डाला उन्होंने हिंदी भाषी न होते हुए भी ज्यादातर हिंदी भाषा में ही अपना विचार दिया । पूर्व आई पी एस डॉ कश्मीरा सिंह ने वर्तमान मीडिया के व्यवसायीकरण पर गंभीर चिंता व्यक्त की इस सम्मान समारोह कार्यक्रम को देश के कई वरिष्ठ विद्वानो ,पत्रकारों ने संबोधित किया कार्यक्रम के दूसरे सत्र में सम्मान समारोह सम्पन्न हुआ जो देर शाम तक चला ।
कार्यक्रम का संचालन पूर्व प्रसाशनिक अधिकारी रहे प्रख्यात साहित्यकार,कवि,संपादक राज कुमार सचान ‘होरी’ जी ने किया । समारोह में शिक्षा, साहित्य,विज्ञान,पत्रकारिता,गायन, कृषि, समाज सेवा जैसे तमाम क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित किया गया, उत्तर प्रदेश से समारोह में मेरी भी सहभागिता रही साहित्य व पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य हेतु सम्मानित किया जाना मेरे लिए भी गौरवमयी क्षण था । कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार यतीन्द्र यादव ,पत्रकार संपादक अनूप श्रीवास्तव, आज़ाद कानपुरी भारत सरकार में हिंदी सलाहकार समिति के सदस्य वीरेंद्र यादव,पत्रिका के सम्पादक महेंद्र सिंह, अरविन्द सिंह बख्सी डॉ हरीसिंह,सत्येन्द्र पटेल सहित मुम्बई से आये डॉ अनुज पटेल सहित कई कलाकार पत्रकार कवि साहित्यकार सम्मानित किये गए ।

About Jan Jagran Media Manch

A group of people who Fight Against Corruption.

Check Also

जीना हुआ दुश्वार सभी को वैक्सीन का इंतज़ार

कोरोना संकट काल ने क्या क्या ना दिखा दिया,प्रवासी मजदूरों की असहनीय पीड़ा,पेट की भूख,असहाय …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *