Search
Monday 24 June 2019
  • :
  • :
Latest Update

सिस्टम हाँथ मलता रहा और बेटी ने खोज निकाली पिता की लाश

सिस्टम हाँथ मलता रहा और बेटी ने खोज निकाली पिता की लाश

सिस्टम हाँथ पर हाँथ धरे बैठा  रहा और लापता पिता की तलाश में भटकती बेटी ने अंततः 15 दिन बाद पिता लाश तलास ली । लापता व्यक्ति चूंकि मेरठ से बहुत दूर पंजाब का रहने वाला था, इसलिए भी पुलिस की कार्रवाई कदम भर नहीं सरकी। आखिरकार किसी तरह से बेटी ही पिता की खोजबीन में निकली और मात्र पांच घंटे में ही कड़ियां जोड़ते हुए पिता की हत्या का राजफाश कर डाला। पिता की लाश खोज डाली और इसके बाद पुलिस पर जमकर बरसी। थाना पुलिस और उनकी कार्यशैली को लेकर भरी भीड़ के सामने थानेदार को भी खरी-खरी सुनाई और आईजी तक से मामले में शिकायत की। घटना का खुलासा तो हो गया, लेकिन यूपी पुलिस की कार्यशैली और सिस्टम की पोल भी खुल गई।

नानकचंद पंजाब के पटियाला में छोटा राय कोतवाली किला चौक के रहने वाले थे। पटियाला निवासी विक्रम उर्फ विक्की के ट्रक पर नानकचंद 15 मार्च 2019 को मेरठ के परतापुर में अरिहंत फैक्ट्री आए थे। यहां 16 मार्च की सुबह नानकचंद लापता हो गए। विक्रम ने एक दिन बाद इसकी सूचना परतापुर पुलिस और नानक के परिजनों को दी।

नानकचंद की बेटी पूजा और बाकी परिजन खोजबीन में लगे रहे। कई बार मेरठ आए और परतापुर पुलिस से संपर्क किया। पूजा खुद ही पहले जिला अस्पताल और फिर मेडिकल में छानबीन करने पहुंच गई। वहां से पता चला कि लावारिस लाशों को मोर्चरी रखा जाता है तो वो मोर्चरी आ गई। मोर्चरी पर पता चला कि परतापुर पुलिस ने एक लावारिस लाश को 29 अप्रैल को भेजा था और कुछ ही घंटे पहले पोस्टमार्टम के बाद शव को दो पुलिसकर्मी अंतिम संस्कार करने के लिए ले गए हैं। पूजा ने उन पुलिसकर्मियों का नंबर लिया, जो शव के साथ गए थे। पुलिसकर्मियों ने बताया कि शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया है। कपड़े थाने में जमा हैं। इसके बाद पूजा थाने पहुंची और वहां लावारिस में बरामद शव के कपड़ों को देखकर पहचान अपने पिता नानकचंद के रूप में कर ली।



A group of people who Fight Against Corruption.


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *