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शाहनवाज की मौत पर सियासत गरमाई ..

दिल्ली। दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में सड़क पर खूनी खेल को 48 घंटे बीत गए, लेकिन दिल्ली पुलिस के हाथ अब तक सारे गुनहगारों के गिरेबां तक नहीं पहुंच सके हैं। पहले जिस शख्स की गिरफ्तारी का दावा पुलिस ने किया है परिवार ने उसे पहचानने से इनकार कर दिया। और परिवार जिन पांच आरोपियों को पहचान रहा है उनमें से सारे लोग सलाखों के पीछे नहीं हैं। उधर, आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर सियासत भी तेज होती जा रही है। सियासत के बीच एक मां की दर्द भरी गुहार भी सुनाई दे रही है एक करोड़ ले लो, मेरा बेटा लौटा दो।

बस चंद घंटे बीते थे कि आंसू, दर्द और गम की इस शाम ने सियासत के सवेरे को रास्ता दे दिया। दिल्ली के तुर्कमान गेट की सड़क पर कातिल सनक ने जो कोहराम मचाया। उसके बाद आरोपियों को लेकर सियासत भी जोर पकड़ने लगी है। जिसमें निशाने पर अगर आम आदमी पार्टी के स्थानीय विधायक आसिम अहमद खान हैं तो चांदनी महल थाने के एसएचओ अनिल शर्मा भी।

बीजेपी नेता अश्विनी उपाध्याय ने पहले ट्विटर पर आरोपियों को आम आदमी पार्टी का कार्यकर्ता बताया और उसके बाद बाकायदा पार्टी पर आरोपों की झड़ी लगा दी। उपाध्याय के मुताबिक रोड रेज की यह घटना दुर्भाग्यपुर्ण है।

रोड रेज में जान गंवाने वाले शख्स शाहनवाज के घर मातम पसरा है। मातम के माहौल के बीच सियासी सुगबुगाहट एक पोस्टर को लेकर भी बढ़ने लगी। पोस्टर जिस पर विधायक आसिम अहमद खान के साथ आरोपियों की तस्वीर छपी होने की बात कही जा रही है। परिवार इसी पोस्टर के कुछ टुकड़े समेटे इंसाफ की गुहार लगा रहा है।

शाहनवाज के पिता का आरोप है कि आरोपियों को सियासी संरक्षण मिला हुआ है। वो और उनका परिवार पांचों आरोपियों को पहचानने का भी दावा कर रहा है। मरहूम शाहनवाज के पिता सलाउद्दीन ने कहा है कि 5 आदमी हैं, मैं, मेरे बेटे पहचानते हैं। माफिया बिल्डर हैं विधायक के पोस्टर में उसका फोटो हैं।

हालांकि, आप नेता आसिम अहमद खान इस पोस्टर को ही फर्जी बताते हुए इसे सियासी नफे नुकसान की लड़ाई करार दे रहे हैं। आसिम के मुताबिक फर्जी पोस्टर है, मेरा या पार्टी का इनसे कोई रिश्ता नहीं है। शोएब इकबाल को मेरे खिलाफ करा रहे हैं। इस मामले में पुलिस ने वसीम नाम के एक आदमी को गिरफ्तार किया है, लेकिन परिवार इस गिरफ्तारी पर ही सवाल उठा रहा है।

वहीं पीड़ित पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा है कि पुलिस मिली हुई है। पुलिस ने हमारी बिल्कुल मदद नहीं की। इस बीच तुर्कमान गेट पर इंसाफ की गुहार लगाते पोस्टर भी चिपक गए है। लेकिन अब तक आरोपियों का पकड़ से बाहर होना कहीं न कहीं स्मार्ट पुलिस पर सवाल खड़े कर रहा है तो सियासी मेहरबानी के आरोप, इंसाफ की आस को धुंधला रहे हैं।

रोड रेज का शिकार हुए शाहनवाज का परिवार इंसाफ की गुहार लगा रहा है।बताते चले की दिल्ली के तुर्कमान गेट में रोड रेज के दौरान  युवक की हत्या के बाद उसके परिजन गुस्से में हैं। वो गुस्सा है पुलिस के ढुलमुल रवैये पर। रोते रोते शाहनवाज की मां का गला बैठ गया है। उनकी आवाज बंद हो गई है। लेकिन दर्द बढ़ता जा रहा है। इस बीच खबर आई कि शाहनवाज के घरवाले 50 लाख रुपये में मामला रफा दफा करने पर राजी हो गए हैं। ये खबर शाहनवाज के घर पहुंचते ही उसके घरवालों के सब्र का बांध टूट पड़ा। माता-पिता की आंखों से आंसू बहने लगे और एक मां ने रोते हुए कहा, एक करोड़ ले लो लेकिन मेरा लाल लौटा दो।

शाहनवाज चला गया। लेकिन सबकी आंखों में आंसू दे गया। दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में हुए एक मामूली झगड़े में पांच लोगों ने पीट-पीटकर शाहनवाज की हत्या कर दी। घर के इकलौते चिराग की मौत की खबर ने शाहनवाज के घरवालों के साथ साथ पूरे मोहल्ले को रुला दिया। खबर आई कि शाहनवाज के परिजनों और आरोपियों के बीच समझौता हो गया है। कहा गया कि मामले को रफा-दफा करने के लिए आरोपियों ने 50 लाख रुपये देने की पेशकश की है। पहले से गमगीन शाहनवाज के घर जैसे ही ये खबर पहुंची उनके सब्र का बांध टूट पड़ा। मां ने कहा मेरा लाल अनमोल है। अगर बात पैसों की है तो मैं एक करोड़ रुपये देती हूं, मुझे मेरा बेटा लौटा दो। गम में डूबे पिता का भी गुस्सा फूट पड़ा। शाहनवाज के घरवालों का कहना है आरोपियों के मददगार ही ऐसी अफवाहों को तूल दे रहे हैं ताकि शाहनवाज की हत्या के मामले से लोगों का ध्यान हटाया जा सके।

मातम के माहौल के बीच सियासी सुगबुगाहट एक पोस्टर को लेकर भी बढ़ने लगी। पोस्टर जिस पर विधायक आसिम अहमद खान के साथ आरोपियों की तस्वीर छपी होने की बात कही जा रही है। परिवार इसी पोस्टर के कुछ टुकड़े समेटे इंसाफ़ की गुहार लगा रहा है। शाहनवाज़ के पिता का आरोप है कि आरोपियों को सियासी संरक्षण मिला हुआ है। वो और उनका परिवार पांचों आरोपियों को पहचानने का भी दावा कर रहा है।

हालांकि, आसिम अहमद ख़ान इस पोस्टर को ही फ़र्ज़ी बताते हुए इसे सियासी नफे नुकसान की लड़ाई करार दे रहे हैं। आसिम इस पूरे विवाद की जड़ पूर्व विधायक शोएब इकबाल को बता रहे हैं। जबकि शोएब इकबाल आसिम पर ही वार कर रहे हैं। इस बीच तुर्कमान गेट पर इंसाफ़ की गुहार लगाते पोस्टर भी चिपक गए है। लेकिन असल इंसाफ तो तब मिलेगा जब सारे आरोपी सलाखों के पीछे होंगे और उन्हें सख्त सजा मिलेगी।

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