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सरकार के मंसूबों पर पानी फेरते भ्रष्ट कार्यप्रणाली में लिप्त बिजली विभाग के अधिकारी व कर्मचारी

अमेठी ब्यूरो : एक ओर प्रदेश की योगी सरकार जहाँ ग्रामीण किसानों की समस्यायों और उनके उत्थान के लिए सतत प्रयासरत है वहीं दूसरी ओर उनके आदेशों निर्देशों को धता बता समस्याओं के समाधान के नाम पर ग्रामीणों व किसानो को सम्बंधित विभागीय अधिकारी व कर्मचारी केवल चक्कर लगवा रहें हैं समस्या का समाधान बिना सुविधा शुल्क लिए करा पाना आज भी ग्रामीणों व किसानो के लिए एक टेढ़ी खीर ही साबित हो रहा है !

ताज़ा मामला अमेठी जनपद के ग्राम सरैंयाँ बाबूपुर का है जहाँ मध्यम गहरी बोरिंग हेतु कृषक तौफीक पुत्र हबीब द्वारा 29 जून 2017 को प्रार्थना पत्र जमा किया गया था बताया जाता है कि 15000 का डीडी जमा करने के बाद कृषक की बोरिंग 7 मार्च 2018 को कराई गई, तदुपरांत कृषक तौफीक ने बिजली कनेक्शन लेने के लिए बिजली विभाग को प्रार्थना पत्र दे कनेक्सन की मांग की, सिंचाई विभाग ने विद्युत विभाग को सब्सिडी पेड करके फिटनेस सर्टिफिकेट भी सौंप दिया किन्तु उक्त किसान के दर्जनों चक्कर लगवाने के वावजूद बिजली विभाग द्वारा अभी तक उसे  कनेक्सन नहीं दिया गया कभी फाइल ना आने की बात तो कभी साहब के ना होने की बात कहकर बराबर उसे टरकाया जाता रहा !

ग्रामीण किसानो का कहना है कि बिजली विभाग ही नहीं  बल्कि किसानों की समस्याओ के समाधान के नाम पर ज्यादातर  विभागों  का यही आलम है लेकिन बिजली विभाग इस मामले में सबसे औव्वल स्थान पर है !  यहाँ सुविधा शुल्क देने वालों की समस्या का समाधान तो संभव है और सुविधा शुल्क में असमर्थता जाहिर करने वाले किसानो को चक्कर लगवाया जाता है बिजली विभाग के कर्मचारी मनमानी करते हैं इन्हें न तो सरकार का खौफ है ना ही जनता का, अभी  पिछले सप्ताह ही  मनमाने तरीके से बिजली कटौती किये जाने को लेकर यहाँ ग्रामीण आक्रोशित हो गए थे । ग्रामीणों ने  विद्युत वितरण खंड कार्यालय का घेराव कर नारेबाजी लगाते हुए प्रदर्शन भी  किया था  । जन कल्याण समिति के लोगों और  ग्रामीणों ने एक्सईएन के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की थी !  ग्रामीणों ने आरोप लगाया था कि जारी रोस्टर के मुताबिक बिजली नहीं मिलती है  जिससे गर्मी के समय में लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। बिजली किसी भी समय बिना किसी कारण के काट दी जाती है। बिजली विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों की मनमानी के चलते ग्रामीणों को बेहद परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

बिजली विभाग  के कर्मचारियों की बात कौन कहे आला अधिकारीयों का आलम यह है कि वे अपने कार्यालयों में मिलते ही नहीं लोग उनके दफ्तरों का चक्कर लगा लगा कर पस्त हो जाते हैं पीड़ित कृषक तौफीक बताते हैं कि वो एक्सियन के दफ्तर के कई चक्कर लगा चुके हैं हर बार यही बताया जाता रहा कि साहब अभी हैं नहीं जब आयेंगें तो ही आपकी समस्या का समाधान हो पायेगा उसके तमाम चक्कर लगाने के बाद 2 जुलाई को एक्सियन साहब के आने की जब उसे जानकारी हुई तो उसने अपनी समस्या उनके सामने बयान की उन्होंने जबाब में कहा कि मैं छुट्टी पर था चार्ज दूसरे के पास था जब उसने समस्या के निराकरण की फ़रियाद की तो उन्होंने कहा कि आपकी फाइल यहाँ नहीं आई है कुल मिलाकर पीड़ित की समस्या ज्यों कि त्यों ही अभी भी बनी हुई है यही नहीं ग्रामीण बताते हैं कि अवर अभियंता व प्रभारी अधिशासी अभियंता के सरकारी नंबर पर फोन किया जाता है तो उक्त अधिकारी फोन उठाना मुनासिब नहीं समझते हैं।

ग्रामसभा बाबूपुर सरैयां जगदीशपुर में लगभग 20 दिनों से ट्रांसफार्मर का एक पॉइंट जल गया था जिसकी सूचना ग्रामीणों ने पावर हाउस जगदीशपुर को मौखिक और लिखित  दे दी थी यहाँ  29 जून  को लगभग 4:00 बजे दूसरा ट्रांसफार्मर लगाया गया  लापरवाह बिजली कर्मियों ने ट्रांसफार्मर को  इनपुट के सहारे छोड़  दिया और भूल गए कि आउटपुट  भी देना है परिणाम यह हुआ कि दूसरे दिन ही  अचानक ट्रांसफार्मर में ब्लास्ट हुआ और वह जलता हुआ नीचेआ  गिरा ट्रांसफार्मर में भरे हुए तेल में लगी आग से ट्रांसफार्मर जल कर खाक हो गया लापरवाह कर्मी झाँकने तक नहीं आये  इस बावत  जानकारी  करने पर जे ई ने बताया ठेकेदारों द्वारा दिए गए कामों में  लेबरों द्वारा  लापरवाहियां हो रही है किसी तरह हम भी भैया दादा बोलकर उनसे  काम करवाते है ! यहाँ के ग्रामीण बताते हैं कि ट्रांसफार्मर साल में कई बार फुंकता है कारण 25 केवी का ट्रांसफार्मर का होना , ग्रामीणों ने कई बार 60 केवी ट्रांसफार्मर के लिए एप्लीकेशन दिया लेकिन कहीं भी कोई सुनने व  विचार करने को राजी नहीं जनता और सरकार के पैसों का दुरुपयोग अच्छी तरह किया जा रहा यह केवल एक ही ग्राम सभा की समस्या नहीं है यही हाल कई ग्राम सभाओं का है ग्रामीणों द्वारा लगाये जा रहे इन आरोपों की सच्चाई जानने हेतु जन जागरण मीडिया मुख्यालय लखनऊ से जब एक्सियन महोदय से दूरभास  पर  वार्ता कर जानकारी चाही गयी तो उन्होंने पिछले कई दिनों से छुट्टी पर होने व आज ही आने की बात कहते हुए फ़ोन काट दिया !
बिजली विभाग सरकार की मंशानुरूप कार्य न कर ग्रामीणों का शोषण करने और राजस्व को चूना लगाने में किस तरह माहिर हैं इसका जीता जगता उदाहरण अभी पिछले महीनों कानपुर में  एस टी एफ़ उत्तर प्रदेश द्वारा प्रेसवार्ता कर खुलासा किया जा चुका है जिसमे बताया गया कि बिजली विभाग की सरकारी खरीद के उपकरणों को विभागीय लोगो की मिलीभगत से चोरी कर बेचने वाले गैंग किस तरह से लाखों का वारा न्यारा करने में मशगूल थे  एस टी ऍफ़ के मुताबिक  उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन (बिजली विभाग) की विद्दुतीकरण और मेन्टेनेन्स के उपकरणों की विभागीय लोगों की मिलीभगत से प्राइवेट ठेकेदार  अवैध रूप से चोरी से बेच रहे थे  जिसमे 4 अभियुक्त पनकी से गिरफ्तार भी हुए जिनके पास से अवैध गोदामों से विजल कंडक्टर 06 ड्रम, केबल 12 ड्रम, अर्थिंग रॉड 400,विजल 57 बंडल 8 टन,बिजली पोल 6,GI वायर 06 बंडल ,डिस्क इंसुलेटर 250 पीस,03 ट्रांसफार्मर 25 kva,1 ट्रैक्टर बिना नम्बर,रेल पटरी के 6 टुकड़े, पावर आयल 300 लीटर,जॉइंट किट 26 पेटी,इंसुलेटर 550 पीस, फिटिंग से सम्बंधित अन्य उपकरण भारी मात्रा में बरामद हुए पूछताछ में पकडे गए ब्रह्मदेव चौबे ने बताया उसका कई वर्षों पहले बिजली विभाग के गोदामो के जेई और स्टोर कीपरो से संपर्क था जिनके माध्यम से वह बिजली के उपकरणों को विभागीय लोगो की मिलीभगत से खरीद लेता था। और उन्हें प्राइवेट ठेकेदारों को ऊँचें  दामो में बेचता था। कहने का तात्पर्य यह कि प्रदेश की योगी सरकार किसानों ,ग्रामीणों व जवानो के उत्थान हेतु नित नयी नयी योजनायें तैयार कर प्रदेश के किसानो ग्रामीणों में खुशहाली लाने का सपना देख रही है और सतत प्रयास भी  कर रही है वहीं भ्रष्ट कार्यप्रणाली में लिप्त अधिकारी व कर्मचारी सरकार के मंसूबों पर पानी फेर रहे हैं देखना यह है कि सरकार भ्रस्टाचार में लिप्त  भ्रष्टाचारियों पर लगाम लगा पाने में सफल हो पाती है या नहीं…….?

 

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