Breaking News

पिछड़ो को मानसिक गुलामी से मुक्ति दिलाने के संकल्प के साथ देश भर के लेखक,पत्रकार,कलमकार हुए इकठ्ठा

लखनऊ ! देश के ख्यातिलब्ध साहित्यकार ,’काइकू’ विधा के जनक पूर्व प्राशासनिक अधिकारी राज कुमार सचान ‘होरी’ के आह्वाहन पर  रविवार को विक्रांत गेस्ट हाउस गाजियाबाद में प्रथम पिछड़ा वर्ग पत्रकार,लेखक राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया गया जिसमे देश के विभिन्न प्रान्तों महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश , राजस्थान, हरियाणा  ,उत्तरांचल  आदि के पिछड़े वर्ग के पत्रकारों,लेखकों,कलमकारों ने  बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया !

सम्मलेन के मुख्य आयोजक राज कुमार सचान ‘होरी’ने  देश भर से बड़ी संख्या में जुटे पिछड़े वर्ग के लेखकों, पत्रकारों, कलमकारों का  स्वागत करते हुए  सम्मलेन के उद्देश्यों पर व्यापक प्रकाश डाला उन्होंने  अपने उद्बोधन में कहा की आप सब की उपस्थिति ने मुझे मजबूती दी है आइये हम सब आज यह संकल्प लें की अब हम मानसिक गुलामी नहीं बल्कि बौद्धिक सत्ता की ओर एक मजबूत कदम बढाएंगें श्री ‘होरी’ ने कहा की सच्चाई तो यह है की जो भी जाति या वर्ग लेखन, पत्रकारिता, साहित्य में पीछे है वही पिछड़ा है और जो आगे वही अगड़ा ” इसलिए राजनैतिक सत्ता से भी ज़्यादा जरूरी है बौद्धिक सत्ता। श्री होरी ने कहा देश की सबसे बड़ी आबादी करीब पैसठ प्रतिशत पिछड़ों की है लेकिन हम खड़े कहाँ हैं  कितना महत्व पिछड़ों को दिया गया या मिला ये सर्वविदित है चूंकि  जनसँख्या के हिसाब से लेखक, कवि, पत्रकार, रचनाकार पिछड़ों में  कम हैं लिहाज़ा हमे जो मूल बीमारी है इसे दूर करना होगा !

समेलन की अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ साहित्यकार पदमश्री डॉ. श्याम सिंह शशि ने कहा कि पिछडे़ वर्ग के सामाजिक, राजनैतिक संगठन कभी भी पिछडे़पन की वास्तविक बीमारी को  समझ ही नहीं पाए या फिर समझना ही नहीं चाहते थे। इसलिए अब हम कलमकारों की जिम्मेदारी बंटी है की  पिछड़े समाज को मानसिक गुलामी के मकड़जाल से बाहर निकालकर उन्हे तरक्की के रास्ते पर ले जाएं।वर्ग के लोगों ने अपनी-अपनी जातियों के नेताओं, अधिकारियों को तो खूब सम्मान दिया लेकिन असली मानसिक सम्पन्नता के सूत्रधार कवियों, लेखकों और पत्रकारों को उचित सम्मान कभी नहीं दे पाए। पिछड़ों की वैचारिक दरिद्रता का ये भी एक बड़ा कारण है।

नीरज भाई पटेल ने प्रस्ताव रखा कि संगठन को खुद का मीडिया बनाने पर जोर देना होगा। उन्होंने कहा कि कलियुग का परमप्रताप ही है कि हम बहुजन मीडिया के बारे में पिछड़े सोच भी पा रहे हैं। हम अपनी क्षमता के हिसाब से मीडिया के माध्यमों वेबसाइट, प्रिंट इलैक्ट्रानिक में अपने पैर मजबूत करें ताकि समाज में ज्यादा से ज्यादा लोगों तक हम अपनी बात पहुंचा सकें। सम्मलेन में इंजीनिअर हरिभान सिंह पटेल, महेन्द्र सिंह चौधरी, हरिओम बैसला वरिष्ठ साहित्यकार,विकास चौधरी, इन्द्र प्रसाद अकेला, बाबा कानपुरी, रूप चंद नागर , नेपाल सिंह कसाना, मुम्बई से आए श्याम अचल और कल्पेश यादव, मध्य प्रदेश से आये मधोक बडबड, राजस्थान से रजनीश कटियार ,  सीतापुर से पत्रकार अनुज वर्मा, आर बी सिंह पटेल- महासचिव अपना दल, बाराबंकी से शिवकुमार व्यास , उमाशरण वर्मा, अजय प्रधान, एटा के बलराम सरस यादव, फर्रुखाबाद से गीतकार पवन बाथम, देश के चर्चित  हास्य कवि बलवीर खिचड़ी जी, सीमा सिंह गंगवार, पत्रकार ददन विश्वकर्मा, पानीपत से आए कवि गुलाब पांचाल, पार्षद एवं समाजसेवी बाबू सिंह आर्य समेत अनेकों साहित्यकार, पत्रकार  कलमकार मौजूद रहे इस अवसर पर शीघ्र ही संगठन की इकाइयों के गठन का भी निर्णय लिया गया ।

About Jan Jagran Media Manch

A group of people who Fight Against Corruption.

Check Also

लॉकडाउन में खोलकर बैठ गया फर्जी स्टेट बैंक की ब्रांच 3 माह बाद पकड़ा गया

 तमिलनाडु पुलिस ने  फर्जी बैंक खोलने वाले तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। कडलोर …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *