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मस्जिदों में कुत्ते और मंदिरों में गाय का मांस फेंकता था

मुजफ्फरनगर

नाम देश राज है। उम्र 35 साल। उत्तर प्रदेश पुलिस ने इस शख्स को दो मंदिरों में गाय का मांस फेंकने के आरोप में सोमवार को अरेस्ट किया है। उसने मंदिर की दीवार पर नफरत फैलाने वाला मेसेज भी लिखा था। देश राज ने पुलिस से कहा कि वह केवल मंदिर देखना चाहता है। उसने कहा कि मैं कोई मस्जिद नहीं देखना चाहता, इसलिए ऐसा कर रहा हूं। पुलिस से पूछताछ के दौरान उसने यह भी कबूल किया कि पिछले हफ्ते उसने एक मस्जिद में कुत्ते का शव सांप्रदायिक तनाव फैलान के लिए फेंका था।
पुलिस ने बताया कि राज बेरोजगार है। वह ज्यादातर वक्त पूजा और ज्योतिषी की किताबें पढ़ने में गुजारता है। मुजफ्फरनगर के एएसपी आलोक प्रियदर्शी ने बताया, ‘हमने इसे अरेस्ट किया है। देश राज से पूछताछ जारी है। पुलिस ने इसे परसौली गांव से अरेस्ट किया है। पुलिस को सूचना मिली थी मंदिर में मांस फेंकने की वारदात में राज शामिल था। इसके परिवार वालों का दावा है कि वह मानसिक रूप से कमजोर है। हम इसकी मानसिक स्थिति की भी जांच करेंगे।’
15 दिसंबर को परसौली गांव के एक मंदिर में गाय के शव का एक हिस्सा बरामद किया गया था। इसके साथ ही मंदिर की दीवार पर इस्लामिक स्टेट के हवाले से नफरत फैलाने वाला संदेश लिखा हुआ था। 20 दिंसबर को इसी इलाके के दूसरे मंदिर में गाय के शव का एक हिस्सा बरामद हुआ। इसके साथ ही मंदिर से नंदी की मूर्ति गायब थी। जैसे ही मंदिर में मांस की बात फैली लोगों की भीड़ जमा हो गई। सुरक्षाबलों ने मंदिर से शव के हिस्से को हटवाया।
इस वारदात के बाद सुरक्षाबल चौकस हो गए थे। परसौली में हिन्दुओं और मुस्लिमों की बराबर आबादी है। एक सीनियर पुलिस ऑफिसर ने बताया कि दूसरे गांव झोला में ज्यादातर मुजफ्फरनगर दंगों के बाद विस्थापित हुए मुस्लिमों की आबादी है। इन्हें सरकार ने यहां बसने के लिए जमीन मुहैया कराई थी।
सूत्रों का कहना है कि इन गांवों की आबादी में आई तब्दीली से देश राज परेशान है। एक पुलिस ऑफिसर ने बताया कि हमलोग को उसके पास से कई मैप मिले हैं इन पर मस्जिदों को चिन्हित किया गया है। उसने कहा था कि वह मंदिरों में मांस फेंक नफरत फैलाना चाहता है। पुलिस से पूछताछ में राज ने कबूल किया कि उसने गांव की मस्जिद में कुत्ते का मांस फेंका था।

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