Search
Tuesday 12 November 2019
  • :
  • :
Latest Update

कड़क शासन सुरक्षित देश, संरक्षित देशवासी

कड़क शासन सुरक्षित देश, संरक्षित देशवासी
        द्वारा – गौतम राणे सागर 
वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियां 1975 के स्थिति से भी भयानक,बदतर व नियंत्रणहीन है । देश आपातकाल के दौर से गुजर रहा है यदि ये कहा जाए कि लोकतंत्र के चारो  स्तंभ विधायिका, कार्यपालिका, न्यायपालिका और प्रेस पूर्णरूपेण सरकार के नियंत्रण में है तो गलत न होगा । निंदनीय व संवेदनशील स्थिति यह है कि चुनाव आयोग भी सरकार के नियंत्रण में रहने पर सुकून महसूस कर रहा है । सरकार ने बेरोजगारी के डाटा के खुलासे पर पहरा लगा दिया है । रिजर्व बैंक रुपया 2000 के एक ही नंबर के नोट को तीन बार प्रिंट कर रहा है । औद्योगिक घराने बैंकों को कंगाल कर पलायन कर रहे हैं। रेलगाड़ियां अपने निर्धारित समय से 10 से 30 घंटे की देरी से चल रही है । किसान आत्महत्या की घटनाएं लगातार बढ़ रही है । बलात्कार,  हत्या ,लूट की घटनाएं प्रतिदिन के समय सारणी में प्रमुख स्थान बना चुकी है। पीड़ित जेलों की और दुराचारी दुनिया की सैर कर रहे हैं ।
         सरकार असत्य प्रलाप में व्यस्त हैं नौकरशाह अपराधियों के संरक्षण में । मोह,माया,त्याग, भौतिकवाद से दूर रहने का प्रवचन करने वाले तेल, घी ,नमक,मसाला, दाल, चावल और स्वदेशी के साथ-साथ देश भक्ति के व्यवसाय की ओर उन्मुख है ,और प्रधान सेवक नाड़ी शोधन प्राणायाम सिखाने और देश के खजाने को लूटने वाले औद्योगिक घरानों के ब्रांड अंबेसडर की भूमिका में सक्रिय । देश के रक्षक सैनिक खाने और कपड़े को परेशान है सरकार 4500 करोड़ रुपए अपने ब्रांडिन्ग पर खर्च कर रही है।
        : न्याय के आकांक्षी पीड़ित की अंतिम उम्मीद न्यायालय अपने ही न्यायालय के पांच सदस्य पीठ के आदेश को 2 सदस्यीय पीठ पलट दे रही है । यानी कि उच्च न्यायालय के आदेश को सत्र न्यायालय द्वारा पलटने की आधारशीला रखी जा रही है । प्रतीत होता है कि गलती से हमारे देश का नाम भ्रामक के बजाय भारत पड़ गया है । संविधान और देश को अपना न मानने वाले लोग संविधान की शपथ लेकर देश चला रहे हैं जबकि चरित्र संविधान विरोधी आज भी बरकरार रखने में व्यस्त हैं ।
       विविधतापूर्ण सांस्कृतिक विरासत को भगवा रंग में रंगने की सरकार की भूख थमने का नाम ही नहीं ले रही है। प्रतीत होता  है देश को आतंकवाद की दहलीज पर धकेल कर ही यह सरकार दम लेने वाली है। देश मे निवेशकों के आगमन के बजाय पलायन शुरू हो गया है । कमाल तो यह है कि यह सब मीडिया को दिखाई नहीं पड़ता ,हिंदू मुस्लिम की जद ने उसे इतनी तेजी से जकड़ रखा है कि वह चंगुल से बाहर निकल ही नहीं पा रही है । इस भूमिका में वह इतने ढ़ल चुकी है कि वहीं अपनी सहजता  महसूस कर रहे हैं ।पत्रकारिता कब्र से सच्चाई खोज निकालने की संस्था से सच्चाई की कब्र पर मिट्टी देने में व्यस्त है। जब देश की संविधानिक संस्थाएं संवैधानिक मर्यादा का चीरहरण कर रही है तो यह मान लेना किसी भी तरह से अप्रासंगिक नहीं होगा कि इस देश की सत्ता के न्यायायिक चरित्र का अपहरण हो गया है । इस देश की सत्ता गलती से देशद्रोही ताकतों के हाथ में लग गई है जो देश भक्ति का लबादा पहन देशवासियों को धोखा देने में सफल हो रहे हैं ।
    आवश्यकता मूल निवासियों को इकट्ठा हो अपनी वास्तविक पहचान करने और अपने पूर्वजों की थाती इस देश को संभालने की है । भय,भ्रष्टाचार और भूख को इस देश से समाप्त करने के लिए सभी क्षेत्रीय क्षत्रपों को निरर्थक महत्वाकांक्षा त्याग देश व समाज के हित में इकट्ठे होने की इस समय की सबसे बड़ी मांग है। सुश्री मायावती के शासन क्षमता ने यह सिद्ध कर दिया है कि वर्तमान परिप्रेक्ष्य में उनके कुशल शासन क्षमता की  देश को प्रबल आवश्यकता है । वैमनस्य फैलाव,विषवमन, बेरोजगारी की समस्या ,अपराध,असत्य-उवाच और प्रलाप मुक्त भारत की स्थापना के लिए देश की कुर्सी मायावती जी  का आह्वान कर रही है । यदि विपक्ष देश के इस नब्ज को पकड़ एकीकृत विपक्ष के प्रधानमंत्री उम्मीदवार के रूप में मायावती को प्रस्तुत करें तो उवाच और प्रलाप के लिए विख्यात “झांसों के राजा”के पास न कोई प्रश्न बचेगा और ना ही उत्तर ।सिवाय झोला लेकर भगोड़े साथियों के साथ आश्रय लेने के । भाजपा को निशस्त्र करने की इससे बेहतर युक्ति नही हो सकती ।
 कड़क शासन सुरक्षित देश, संरक्षित देशवासी ।
 2019 मे  दीदार को प्रत्येक भारतीय है अभिलाषी ।।
                                                                         उपरोक्त लेख -गौतम राणे सागर,
                                                                                        राष्ट्रीय संयोजक,
                                                                       संविधान संरक्षण मंच द्वारा प्रेषित


A group of people who Fight Against Corruption.


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *