Breaking News
Dainik Bhaskar Hindi

बंगाल में बीजेपी नहीं कर पाई 100 का आंकड़ा पार, भविष्यवाणी सच साबित होने के बावजूद प्रशांत किशोर ने पेशे से सन्यास का ऐलान किया

डिजिटल डेस्क, कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में टीएमसी के लिए चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने अपने पेशे से इस्तीफा देने का ऐलान किया है। एनडीटीवी से एक्सक्लूसिव बातचीत में प्रशांत किशोर ने इसका ऐलान किया।

प्रशांत किशोर ने कहा, मैं जो कर रहा हूं उसे जारी नहीं रखना चाहता। मैंने काफी कुछ कर लिया है। यह मेरे लिए एक ब्रेक लेने और जीवन में कुछ और करने का समय है। मैं इस स्पेस को छोड़ना चाहता हूं। इस सवाल पर कि क्या वह राजनीति में दोबारा शामिल होंगे? उन्होंने कहा: ‘मैं एक असफल राजनीतिज्ञ हूं। मुझे वापस जाना होगा और देखना होगा कि मुझे क्या करना है।’ एक हल्के नोट पर, उन्होंने अपने परिवार के साथ असम जाने और “चाय-बागवानी करने” की बात की।

बता दें कि प्रशांत किशोर ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान कहा था कि अगर बीजेपी को बंगाल में 100 से ज्यादा सीटें मिलीं तो वह चुनावी रणनीतिकार के रूप में अपना पेशा छोड़े देंगे। प्रशांत किशोर किशोर की ये भविष्यवाणी सही साबित होती दिखाई दे रही है। रुझानों में बंगाल में ममता बनर्जी की पार्टी को 200 से ज्यादा सीटे मिलते दिखाई दे रही है। वहीं बीजेपी 100 के आंकड़े के अंदर ही सिमटती दिख रही है। हालांकि प्रशांत किशोर ने अपनी इस भविष्यवाणी के सही साबित होने के बावजूद अपने चुनाव प्रबंधन के पेशे को छोड़ने का ऐलान किया है।

प्रशांत किशोर इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमिटी (I-PAC) नाम की कंपनी चलाते हैं। बतौर पॉलिटिकल स्ट्रैटजिस्ट अपना करियर शुरू करने से पहले प्रशांत किशोर UNICEF में नौकरी करते थे। अपने कुशल चुनाव प्रबंधन के चलते वह नरेंद्र मोदी, नीतीश कुमार, कैप्टन अमरिंदर सिंह, जगन मोहन रेड्डी, उद्धव ठाकरे और अरविंद केजरीवाल जैसे बड़े नेताओं को चुनावी सफलता प्राप्त करने में सहायता कर चुके हैं। अब ममता बनर्जी को भी सत्ता तक पहुंचाने में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। हालांकि 2017 में यूपी विधानसभा चुनाव के वक्त प्रशांत किशोर ने कांग्रेस का चुनाव प्रचार संभाला था, लेकिन पार्टी को हार का मुंह देखना पड़ा था।

प्रशांत किशोर ने जेडीयू से अपना राजनीतिक करियर शुरू किया था। 16 सितंबर 2018 को वह जेडीयू में नंबर दो की पोजिशन यानी उपाध्यक्ष चुने गए। तब नीतीश कुमार ने उन्हें बिहार का भविष्य बताया था। हालांकि पार्टी के खिलाफ लगातार बयानबाजी और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से विवाद के बाद जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) ने उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया था। पार्टी से निकाले जाने के बाद चर्चा थी कि पीके ममता बनर्जी की तृणमल कांग्रेस (टीएमसी) का दामन थाम सकते हैं।

.Download Dainik Bhaskar Hindi App for Latest Hindi News.

.

...
Bengal Won, Prashant Kishor Says “Quitting This Space”
. .

.

Source link

About Jan Jagran Media Manch

A group of people who Fight Against Corruption.

Check Also

Dainik Bhaskar Hindi

पश्चिम बंगाल के विधायक सुवेंदु अधिकारी ने पीएम मोदी से मुलाकात की, कहा- 45 मिनट तक चली बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा हुई – bhaskarhindi.com

Dainik Bhaskar Hindi – bhaskarhindi.com, नई दिल्ली। भाजपा नेता और पश्चिम बंगाल के विधायक सुवेंदु …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *