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Tuesday 18 September 2018
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चीन की धमकी , कहा- सियासी फायदे के लिए मसूद को आतंकी घोषित नहीं होने देंगे

चीन की धमकी , कहा- सियासी फायदे के लिए मसूद को आतंकी घोषित नहीं होने देंगे

नई दिल्ली। चीन ने संयुक्त राष्ट्र में आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मौलाना मसूद अजहर को आंतकवादी घोषित करने के भारत के प्रयासों को फिर झटका देते हुए सोमवार को कहा कि वह हर प्रकार के आतंकवाद के खिलाफ है लेकिन आतंकवाद की खिलाफत के नाम पर किसी को राजनीतिक हित साधने की अनुमति नहीं दे सकता।

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के गोवा में होने जा रहे ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए रवाना होने के पहले चीन के उप विदेश मंत्री ली बाओदोंग ने  बीजिंग में संवाददाता सम्मेलन में कहा चीन हर किस्म के आतंकवाद का विरोध करता है, लेकिन इस मामले में दोहरे मापदंड नहीं होने चाहिए।

आतंकवाद का विरोध करने के नाम पर राजनीतिक हित नहीं साधे जाने चाहिए। चीन ऐसे किसी भी प्रयास का समर्थन नहीं करेगा। ली के इस बयान को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में मसूद को अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी घोषित करने के भारतीय प्रयासों पर जवाबी हमले की तरह देखा जा रहा है।

भारत ने पठानकोट और उरी आतंकवादी हमले में मसूद का हाथ होने का आरोप लगाते हुए संयुक्त राष्ट्र से मसूद के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई थी और दोबारा से फिर अपनी यही मांग रखने की तैयारी कर रहा था।

भारत का कहना है चीन के इस कदम से दुनिया में खतरनाक संदेश जाएगा। मसूद को अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी घोषित करने की भारत की मांग पर पहली बार चीन ने छह महीने पहले तकनीकी रोक लगाई थी। उसने दोबारा यह काम किया है। यह रोक तीन महीने तक रहेगी।

अगर सुरक्षा परिषद् की कांउटर टरेरिजम कमेटी मसूद को अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी घोषित कर देती है तो ऐसी हालत में पाकिस्तान को मसूद और उसके संगठन के खिलाफ व्यापक प्रतिबंध लगाने सहित कई तरह की कार्रवाई करनी पड़ेगी। पाकिस्तान यह जोखिम नहीं उठाना चाहता ऐसे में चीन उसकी मदद कर रहा है।

परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) में भारत की सदस्यता के मुद्दे पर गोवा में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति के बीच किसी तरह की बातचीत की संभावना के सवाल पर बाडोंग ने कहा कि इसके लिए एनएसजी के सभी 48 सदस्यों की मंजूरी जरुरी है। अकेले चीन कुछ नहीं कर सकता।

सभी सदस्य देशों के बीच इस मसले पर सहमति जरुरी है। इसके लिए भारत को अन्य सदस्य देशों से भी बात करनी होगी। उन्होंने कहा कि एनएसजी में भारत के शामिल होने के बारे में चीन का नजरिया बिल्कुल साफ है। चीन चाहता है कि सब कुछ नियम और प्रक्रियाओं के तहत हो। सदस्यता के लिए जो कायदे कानून बनाए गए हैं उसका पालन किया जाए।



A group of people who Fight Against Corruption.


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