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Tuesday 25 September 2018
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राज्यपाल से मिले पत्रकार, सौंपा ज्ञापन

राज्यपाल से मिले पत्रकार, सौंपा ज्ञापन

पी एम् को संबोधित ज्ञापन सौप शीघ्र कार्यवाही कराये जाने की अपील
डीएवीपी द्वारा जारी 2016 की नई नीति को लेकर पत्रकारों का आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है इस कड़ी में आज राजधानी लखनऊ में पत्रकारों का एक प्रतिनिधि मंडल उत्तर प्रदेश के महामहिम राज्यपाल राम नाइक से राजभवन मिलने पहुंचा ! आइसना के अध्यक्ष शिव शंकर त्रिपाठी व राष्ट्रीय महत्व के संपादक रामा नन्द शास्त्री के नेत्रत्व में पहुंचें समाचार पत्र संचालको व पत्रकारों ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के निर्देश से जारी हुई 2016 की नई विज्ञापन नीति को लेकर कड़ा विरोध जताते हुए इसे स्वतंत्रता की अभिव्यक्ति पर कुठाराघात बताया ! आक्रोशित पत्रकारों ने प्रधान मंत्री को संबोधित ज्ञापन भी राज्यपाल महोदय को सौंपा !
बताते चलें की सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के निर्देशन में द्रश्य प्रचार निदेशालय ‘डीएवीपी’द्वारा 15 जून को एक पत्र जारी किया गया था जिसमें एबीसी और आरएनआई का प्रमाण पत्र 25 हजार प्रसार संख्या से अधिक वाले समाचार पत्रों के लिए अनिवार्य किया गया है एवं अन्य तमाम ऐसी शर्तें दी गयी हैं जिसके चलते देश के 80 फीसदी अख़बारों का सञ्चालन ही रुक जायेगा !
2016 की इस नई नीति के संज्ञान में आते ही देश भर के अखबार संचालको पत्रकारों में खासा आक्रोश व्याप्त हो गया है!अखबार संचालको का मानना है की इस नई विज्ञापन नीति के लागू होने के बाद केवल राष्ट्रीय समाचार पत्रों को ही अब केंद्र एवं राज्य सरकारों के विज्ञापन जारी हो सकेंगे तथा 80 फीसदी समाचार पत्र डीएवीपी की विज्ञापन सूची से बाहर हो जाएंगे. महामहिम राज्यपाल से मिलने पहुंचे समाचार पत्र संचालकों व पत्रकारों में राष्ट्रीय महत्व समाचार पत्र के संपादक रामानंद शास्त्री,आइसना के अध्यक्ष शिव शंकर त्रिपाठी ,लोक क्रांति के संपादक अरुण त्रिपाठी ,ऊर्जा टाइम्स की आर पी त्रिपाठी आदि रहे सभी ने एक स्वर से नयी विज्ञापन नीति को लेकर देश भर में पत्रकारों के बीच व्याप्त आक्रोश से महामहिम राज्यपाल महोदय को अवगत करते हुए केंद्र सरकार के इस निर्णय की कड़ी आलोचना करते हुए पुरानी विज्ञापन नीति को प्रभावी करने पर जोर दिया !



A group of people who Fight Against Corruption.