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Tuesday 13 November 2018
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कुंवारों का गांव जहां कोई नहीं करता शादी, वजह कर देगी हैरान

कुंवारों का गांव जहां कोई नहीं करता शादी, वजह कर देगी हैरान

बस्ती: उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले का एक गांव कुंवारों के गांव से जाना जाता है। इस गांव में दो दर्जन से ज्यादा लड़के और लड़कियां शादी योग्य हैं। लेकिन उनकी शादी नहीं हो रही। ऐसा नहीं कि रिश्ते नहीं आ रहे। रिश्ते आते हैं लेकिन गाँव में मूलभूत सुविधाओं का न होना यहां के लड़कों के लिए अभिशाप बन गया है। बस्ती के सेमरहिया गांव में शौचालय न होने की वजह से इस गांव में कोई भी अपनी बेटी की शादी नहीं करना चाहता। इतना ही नहीं गांव में सड़क और बिजली भी न होने की वजह से इस गांव में कोई शादी नहीं करना चाहता। शादी न होने की वजह से यहां के लड़के और लड़कियां परेशान हैं।
विकास की इस दौड़ में आज भी कुछ ऐसे गांव हैं जो विकास की रेस में पीछे छुट गए। इन गांवों में सड़क, बिजली, पानी, शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं है। इसी तरह का एक गांव हर्रैया तहसील के मनोरमा नदी के तट पर बसे जगदीशपुर ग्रामसभा का सेमरहिया। इस गांव में न तो शौचालय है,न ही सड़क और बिजली। अब मूलभूत सुविधाएं न होना इस गांव के लिए मुसीबत बन गया है। गांव के ज्यादातर घरों में शौचालय नहीं है। जिसकी वजह से लोगों को शौच के लिए खेत में जाना पड़ता है। टॉयलेट्स न होने की वजह से इस गांव में कोई शादी विवाह तक नहीं करना चाहता। गांव के लड़के और लड़कियां पढ़ी लिखी हैं, फिर भी इस गांव के लोगों को शादी के लिए दूल्हे और दुल्हन का इंतजार है।

गांव वालों का कहना है कि गांव में शौचालय न होना सबसे बड़ी मुसीबत बना हुआ है। शौचालय न होने की वजह से लड़के और लड़कियों की शादियां नहीं हो पा रही है। गांव वालों का कहना है कि जब भी रिश्ते के लिए कोई आता है और घर में शौचालय न होने की जानकारी होते है, वे शादी से पीछे हट जाते हैं। गांव के लड़के और लड़कियां पढ़ी लिखी हैं, रिशते के लिए बहुत से लोग आते हैं, लेकिन वापस जाने के बाद कोई जवाब नहीं आता। गांव वालों का कहना है कि रिश्ते के लिए आए कुछ लोगों ने शौचालय न होने की वजह से शादी करने से मना कर दिया।

गांव में ज्यादर लोग गरीब हैं, जिसकी वजह से वह शौचालय नहीं बनवा पा रहे हैं। सरकार की तरफ से कुछ शौचालय बनवाए गए थे, जो खराब हो गए हैं। अब उनको कोई इस्तेमाल नहीं कर रहा है। शौचालय न होने की वजह से लोगों को शौच के लिए खेत में जाना पड़ता है। बारिश के दिनों में नदी की वजह से चारो तरफ पानी भर जाता है जिसकी वजह से लोगों को शौच के लिए बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

वहीं डीएम अनिल कुमार दमेले ने कहा कि जनपद के सभी गांव एंव पुर्वों का बेस लाइन सर्वे करा लिया गया है। जनपद में 4 लाख टॉयलेट्स की आवश्यक्ता है। जिसमें से सवा लाख शौचालय बनाए जा चुके हैं। डीएम ने कहा कि लोहिला समग्र गांव को पहले प्राथमिकता दी जाती है. इसके बाद जनपद में 120 गांव जो गोद लिए गए हैं उनको प्राथमिकता दी जाती है। डीएम ने कहा की हर्रैया तहसील के जगदीशपुर ग्रामसभा के सेमरहिया गांव में शौचालय न होने की बात सामने आई है, वहां पर जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देश दिया गया है कि बेसिक सर्वे कराकर जितने भी लाभार्थी हैं उन को धनराशि उपलब्ध कराई जाए।साभार-पंजाबकेसरी



A group of people who Fight Against Corruption.


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