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Thursday 15 November 2018
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उग्र भीड़ पर पुलिस ने चलायी गोलियां : 2 ग्रामीणों की मौत

उग्र भीड़ पर पुलिस ने चलायी गोलियां : 2 ग्रामीणों की मौत

हमीरपुर-लखनऊ : उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में छेड़छाड़ से तंग आकर एक छात्रा द्वारा आत्मदाह की वारदात से नाराज लोगों की भीड़ ने आगजनी और पथराव किया। इस दौरान पुलिस की जवाबी कार्रवाई में गोली लगने से दो लोगों की मौत हो गयी।

 विदेश दौरे पर गये मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने टेलीफोन पर स्थिति का जायजा लेते हुए पुलिस अधीक्षक डी. पी. सिंह को निलम्बित करने, ग्रामीणों पर गोली चलाने के आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने तथा पूरे प्रकरण की मजिस्ट्रेट से जांच कराने के आदेश दिये हैं। मामले में मृत लोगों के परिजन को पांच-पांच लाख रपये की सहायता देने के निर्देश भी दिये गये हैं।

पुलिस सूत्रों ने आज हमीरपुर में बताया कि बिंवार थाना क्षेत्र के मुहल्ला नई बस्ती निवासी स्वीकृति (15) नामक लड़की से जितेन्द्र उर्फ जीतू यादव तथा उसके दो साथियों ने कल कथित रूप से छेड़खानी की थी, जिसका विरोध करने पर उसकी पिटाई की गयी थी। इस घटना से क्षुब्ध होकर लड़की ने अपने घर में खुद को आग लगा ली थी, बाद में जिला अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गयी थी।

उन्होंने बताया कि ग्रामीणों ने पुलिस पर आरोपी पक्ष की तरफदारी करने और शिकायत के प्रति लापरवाही का आरोप लगाते हुए थाने का घेराव तथा पथराव शुरू कर दिया। इसके जवाब में पुलिसकर्मियों ने ग्रामीणों पर गोलीबारी शुरू कर दी। पुलिस की इस कार्रवाई से नाराज ग्रामीणों ने थाने में पुलिस जीप तथा जब्त किये गये वाहनों को आग लगा दी।

सूत्रों के मुताबिक इस दौरान गोली लगने से तीन ग्रामीण गम्भीर रूप से घायल हो गये। उनमें से मोहित पाण्डेय (18) तथा कल्लू खां (28) की मौत हो गयी। मामले में पुलिस ने मामले के मुख्य अभियुक्त जीतू यादव को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं बिंवार के थानाध्यक्ष गिरेन्द्र सिंह को भी तत्काल प्रभाव से निलम्बित कर दिया गया है।

इस बीच, विदेश दौरे पर गये मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने टेलीफोन पर मामले की जानकारी ली और लापरवाही बरतने के आरोप में जिला पुलिस अधीक्षक डी. पी. सिंह को निलम्बित करने के साथ-साथ आरोपी पुलिसकर्मियों पर मुकदमा दर्ज करने और प्रकरण की मजिस्ट्रेट से जांच कराने के निर्देश दिये। इलाके में व्याप्त तनाव के मद्देनजर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

इस मामले को लेकर सियासी हलचल भी शुरू हो गयी है। प्रदेश के प्रमुख विपक्षी दलों ने हमीरपुर में छेड़छाड़ से तंग आकर एक लड़की द्वारा आत्मदाह से नाराज ग्रामीणों पर पुलिस द्वारा गोलीबारी में दो लोगों की मौत की घटना की कड़े शब्दों में निन्दा करते हुए आरोपी पुलिसकर्मियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज करके सजा दिलाने की मांग की है।

प्रदेश विधानसभा में बसपा और विपक्ष के नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने बातचीत में हमीरपुर की घटना की निन्दा करते हुए कहा कि जिस तरह प्रदेश में गुंडाराज चल रहा है, यह घटना उसका नमूना मात्र है। इससे पुलिस का क्रूरतम चेहरा दिखायी पड़ा है। बसपा इसकी घोर भर्त्सना करती है।

उन्होंने कहा कि सत्तारूढ़ सपा से जुड़े गुंडों ने एक छात्रा से छेडखानी की। बार बार शिकायत के बाद भी स्थानीय पुलिस सोती रही। इस सबसे क्षुब्ध होकर उस लड़की ने आत्मदाह कर लिया। इससे जनता का छुपा आक्रोश उबल पड़ा।

भाजपा के प्रान्तीय अध्यक्ष लक्ष्मीकांत बाजपेयी ने कहा कि हमीरपुर में सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी :सपा: के नेताओं के चहेते गुंडों द्वारा एक लड़की से छेड़छाड़, तंग आकर बालिका द्वारा आत्मदाह किया जाना और इस घटना का विरोध कर रहे लोगों पर पुलिस के गोली चलाने की घटना अत्यन्त निंदनीय है।

उन्होंने कहा कि भाजपा इस मामले पर आर-पार की लड़ाई लड़ेगी। पार्टी की एक टीम को हमीरपुर रवाना किया गया है और वह खुद भी वहां पहुंच रहे हैं। आसपास के भाजपा विधायकों तथा नेताओं को भी मौके पर बुलाया गया है।

बाजपेयी ने कहा कि चूंकि अपराधी सपा से जुड़े थे, इसलिये पुलिस ने उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की, उल्टे पुलिस ने विरोध जता रही भीड़ पर गोलियां चला दीं, वह भी कमर के नीचे नहीं बल्कि सिर पर गोली मारी गयी। इसके अलावा लड़की के पिता और रिश्तेदारों को थाने लाकर पीटा और आत्मदाह करने वाली बालिका के शव का उसके परिजन को बताये बगैर अंतिम संस्कार कर दिया। यह पुलिसिया गुंडाराज की पराकाष्ठा है। कांग्रेस के प्रान्तीय अध्यक्ष निर्मल खत्री ने कहा कि हमीरपुर की घटना पुलिस की लापरवाही और निकम्मेपन को तो उजागर करती ही है, वहीं एक जाति विशेष के लोगों द्वारा समाज में दबंगई की जो इन्तेहा की जा रही है, वह प्रदेश की अखिलेश यादव सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती है।

उन्होंने बताया कि उनके निर्देश पर पूर्व केन्द्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमण्डल हमीरपुर पहुंचा और आत्मदाह करने वाली छात्रा तथा पुलिस गोलीबारी में मारे गये ग्रामीणों के परिजन से मुलाकात की।

खत्री ने बताया कि प्रतिनिधिमण्डल द्वारा दी गयी जानकारी के आधार पर कांग्रेस इस घटना की सीबीआई से जांच कराने, वारदात में मारे गये लोगों के परिजन को 25-25 लाख रुपये, आक्रोशित भीड़ में शामिल लोगों पर दर्ज फर्जी मुकदमे वापस लेने तथा गोलीबारी में घायल लोगों का मुफ्त इलाज कराने की मांग की है।

 



A group of people who Fight Against Corruption.