Search
Tuesday 18 September 2018
  • :
  • :
Latest Update

मीडिया का दायित्व है समाज में जागरूकता पैदा करना – रिज़वान चंचल

मीडिया का दायित्व है समाज में जागरूकता पैदा करना – रिज़वान चंचल

जनजागरण मीडिया मंच अमेठी के जिलाध्यक्ष अंसार अहमद व महासचिव सूबेदार आर डी पासी द्वारा जगदीशपुर स्थित डाकबंगले में ‘मीडिया के रास्ते समाज के वास्ते’ विषयक परिचर्चा एवं रेड फाइल पत्र का विमोचन कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमे क्षेत्र के गणमान्य समाजसेवी , साहित्यकार, पत्रकार मौजूद रहे !
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रिघ्वान चंचल ने कहा कि जब देश गुलामी की जंजीरों में जकडा हुआ था, तब अंग्रेजी हुकूमत के पांव उखाडने के लिए देश के अलग-अलग क्षेत्रों में जनता को जागरूक करने एवं ब्रिटिष हुकूमत की असलियत जनता तक पहुंचाने के लिये कई पत्र-पत्रिकाओं व अखबारों ने लोगों को आजादी के समर में कूद पडने एवं भारत को आजाद कराने के लिए कई तरह से जोश भरे व समाज के प्रति अपने उत्तरदायित्वों का बाखूबी से निर्वहन भी किया। प्रताप, कर्मयोगी, भविष्य, अभ्युदय, जैसे कई पत्र-पत्रिकाओं ने सामाजिक सरोकारों के बीच देश भक्ति का पाठ लोगों को पढाया और आजादी की लडाई में योगदान देने हेतु जागरूक किया। आज यदि लोकतंत्र के चैथे स्तम्भ कहे जाने वाले मीडिया की भूमिका पर बात की जाये, तो समाज में मीडिया की भूमिका पर कई तरह के सवाल उठाये जाने लगे है क्योंकि आज पत्रकारिता मिशन न होकर व्यवसाय का रूप ले चुकी है । मीडिया को समाज में जागरूकता पैदा करने वाले एक साधन के रूप में देखा जाता है, जो की लोगों को सही व गलत करने की दिशा में एक प्रेरक का कार्य करता है। विशिष्ठ अतिथि आचार्य नरेन्द्रदेव विस्वविद्यालय के प्रोफेसर भगवान् दीन ने अपने सम्बोधन में कहा की मीडिया योजनाबद्ध ढंग से सरकारों को बनाने में अपने को पोलसी मेकर बना जनता के बीच काम कर रही है लेकिन समाज के प्रति अपने उत्तरदायित्वों का निर्वहन कर पाने में आज ये काफी पीछे हैं। आज ये पत्रकार उद्योगपतियों व राजनीतिज्ञों के आगे घुटने टेके नजर आते हैं। सामाजिक सरोकारों से इतिश्री करने के साथ ही पैसा कमाने की होड में आम जनता का दर्द व उनकी परेशानियां उद्योग घरानों व राजनीतिज्ञों के रूपये के आगे दबकर रह गये हैं। यहीं कारण है कि पत्रकारिता की निष्पक्षता को लेकर पत्रकार खुद जनता के कटघरे में खडा है ! कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे वरिस्ठ पत्रकार हरिपाल सिंह ने कहा की पत्रकारिता हमारे देश में एक मिशन के रूप में जन्मी थी। जिसका उद्देश्य सामाजिक चेतना को और अधिक जागरूक करने का था, तब देश में गणेश शंकर विद्यार्थी जैसे युवाओं की सामाजिक, सांस्कृतिक एवं राजनीतिक आजादी के लिये संघर्षमयी पत्रकारिता को देखा गया, तब के पत्रकारों को न यातनाएं विचलित कर पाती थीं, न धमकियां। आर्थिक कष्टों में भी उनकी कलम कांपती नहीं थी, बल्कि दुगुनी जोश के साथ अंग्रेजों के खिलाफ आग उगलती थी तब पत्रकारिता के मायने थे देश की आजादी और फिर आजादी के बाद देश की समस्याओं के निराकरण को लेकर अंतिम दम तक संघर्ष करना और कलम की धार को अंतिम दम तक तेज रखना। एक सम्पादक गिरफ्तार होता तो दूसरा उसकी जगह ले लेता, इसी क्रम में बाबू रामहरि को 21 वर्ष की कैद, मुंशी रामसेवक को अण्डमान में कैद, नन्द गोपाल चोपडा को 30वर्ष देश से निर्वासन की सजा, लद्धा राम कपूर ने तीन अंक ही निकाला था कि उन्हें भी कालेपानी की सजा हुई। इसके बाद अमीर चन्द बम्बवाल ने स्वराज्य का प्रकाशन शुरू किया। अमीर चन्द बम्बवाल ने अखबार में विज्ञापन दिया कि “सम्पादक चाहिए, वेतन दो सूखी रोटियां, गिलास भर पानी और हर सम्पादकीय लिखने पर दस वर्ष के कालेपानी की सजा।”इसके बाद भी एक-एक कर आठ सम्पादक और हुए ज्यदातर को कालेपानी की सजा दी गई, लेकिन इसके बावजूद स्वराज्य का प्रकाशन निरंतर जारी रहा और आमजनों में आजादी के जिये जागरूकता का संचार लगातार होता रहा। लेकिन आज के इस दौर में पत्रकारिता कहां पर है और आमजनों को उनकी समस्या का हल कौन देगा यह बताने वाली पत्रकारिता अपने आप से आज यह सवाल पूछ रही है कि मैं कौन हूँ? जनजागरण मीडिया मंच के पूर्वांचल प्रभारी दिलीप मिश्र ने कहा की मीडिया और इसको चलाने वाले ठेकेदारों को यह तय करना होगा, कि मीडिया ने सामाजिक सरोकारों को दूर करने में कितनी कामयाबी हासिल की है, यह उन्हें खुद ही देखना व समझना होगा। ऐसा भी नहीं है कि मीडिया ने सामाजिक सरोकारों को एकदम से अलग कर दिया है लेकिन लगातार मीडिया की भूमिका कई मामलों में संदिग्ध सी लगती है। कई विषयों जहां पर उन्हें न्याय दिलाने की जरूरत होती है एवं लोगों को मीडिया से यह अपेक्षा होती है, कि मीडिया के द्वारा उनकी मांगों व समस्याओं पर विषेष ध्यान देते हुए समस्या का समाधान किया जायेगा, ऐसे कई मौकों पर मीडिया की भूमिका से लोगों को काफी असहज सा महसूस होता है। कभी-कभी तो ऐसा भी महसूस किया जाता है कि कुछ मीडिया घराना मात्र किसी एक व्यक्ति, पार्टी व संस्था के लिये ही कार्य कर रही है, अतः मीडिया को एक बार फिर से ठीक उसी तरह निष्पक्ष होना पडेगा, जिस तरह की आजादी के दौर मे थी इसी उद्देश्य की प्रतिपूर्ति हेतु जनजागरण मीडिया मंच निरंतर कार्य कर रहा है आम जनता को जागरूक करना और रेड फाइल पत्रिका में आम जनो की समस्यायों को उजागर कर उनके अधिकारों की लडाई भी लड़ने का काम  यह संगठन कर रहा है संसाधनों के अभाव में राह  दुर्गम जरूर है  बावजूद तमाम मुश्किलों के मंच से जुड़े सभी साथी इस दुरूह काम  को लगन व निष्ठा से करने में जुटे है । कार्यक्रम को मुख्य रूप जिला संरक्षक राम खिलावन  , संजय सिंह,प्रदेश संगठन प्रभारी अलीम सिद्दीकी,ब्यूरो प्रमुख राजेश शर्मा ,आर पी सरोज ,डी पी वर्मा प्रधानाचार्य आदि ने संबोधित किया .



A group of people who Fight Against Corruption.