Search
Tuesday 13 November 2018
  • :
  • :
Latest Update

536 करोड़ की कानूनी लड़ाई में फंसा बीसीसीआई

536 करोड़ की कानूनी लड़ाई में फंसा बीसीसीआई

नई दिल्ली। बीसीसीआई अब सेवा कर विभाग के साथ कानूनी लड़ाई में फंस गया है जिसने क्रिकेट बोर्ड से पिछले एक दशक के दौरान रॉयल्टी और मीडिया अधिकारों से हुई कमाई के कर के रूप में 536 करोड़ रुपए (लगभग) देने की मांग की थी।

सेवा कर विभाग ने पिछले दस वर्षों में विश्व की सबसे धनी क्रिकेट संस्था को कम से 19 कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। बीसीसीआई कोषाध्यक्ष अनिरुद्ध चौधरी की रिपोर्ट, जिसे वार्षिक रिपोर्ट के साथ नत्थी किया गया है, के अनुसार बीसीसीआई को वित्त वर्ष 2004-05 से 2012-13 तक सेवा कर विभाग से कारण बताओ और मांग नोटिस मिल रहे हैं तथा वह कुल 536.13 करोड़ रुपए की मांग कर रहा है।

यह जानकारी कोषाध्यक्ष की रिपोर्ट की अनुसूची 15 का हिस्सा है जिसमें कहा गया है कि सेवा कर विभाग ने इस अवधि के दौरान 19 कारण बताओ सह मांग नोटिस जारी किए। रिपोर्ट के अनुसार कोषाध्यक्ष चौधरी ने इस संबंध में सदस्यों को सूचित किया है कि बीसीसीआई ने इसको चुनौती दी है और सेवा कर विभाग ने जो भी दावे किए हैं, वह उस पर कानूनी सलाह ले रहा है और उनको चुनौती देगा।

बोर्ड ने केंद्रीय उत्पाद शुल्क एवं सेवा कर अपीली न्यायाधिकरण के पास भी 2013 के वित्त वर्ष की समाप्ति पर अपील की थी और यह मसला अब भी लंबित है। रिपोर्ट के अनुसार सेवा कर विभाग ने 2005-06 में प्रायोजन, लोगो राशि, रॉयल्टी की आय, मीडिया अधिकार आदि के लिए 42.81 करोड़ रुपए की मांग की थी।

बीसीसीआई की मुख्य आपत्ति सेवा कर विभाग का उसकी रॉयल्टी आय और मीडिया अधिकारों से होने वाली आय को बौद्धिक संपदा सेवा के अंतर्गत रखना है। इस क्षेत्र के तहत सेवा कर विभाग ने 2006-07 के लिए 39.21 करोड़ रुपए, 2007-08 के लिए 80.51 करोड़ रुपए, 2008-09 के लिए 54.54 करोड़ रुपए, 2009-10 के लिए 85.16 करोड़ रुपए और 2010-11 के लिए 65.79 करोड़ रुपए की मांग की है।



A group of people who Fight Against Corruption.


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *