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Thursday 15 November 2018
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डीजीपी एके जैन के सर्विस एक्सटेंशन के खिलाफ पीआईएल दाखिल

डीजीपी एके जैन के सर्विस एक्सटेंशन के खिलाफ पीआईएल दाखिल
लखनऊ. डीजीपी एके जैन के सर्विस एक्सटेंशन का मामला धीरे-धीरे तूल पकड़ता जा रहा है। हाईकोर्ट के लखनऊ बेंच में उनके सर्विस एक्सटेंशन के खिलाफ शुक्रवार को एक पीआईएल दाखिल की गई है। यह पीआईएल स्थानीय पत्रकार जेएन शुक्ला ने दायर की है। 7 अप्रैल को इसकी सुनवाई हाईकोर्ट के लखनऊ बेंच में होगी।
पीआईएल दायर करने वाले स्थानीय पत्रकार जेएन शुक्ला का कहना है कि अरविंद कुमार जैन के सेवा विस्तार में सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन की अवहेलना की गई है। कोर्ट द्वारा 2005 में जारी एक आदेश के तहत किसी भी अधिकारी के खिलाफ यदि किसी तरह की जांच लंबित है, तो उसका सेवा विस्तार नहीं किया जा सकता है। डीजीपी एके जैन पर रीता बहुगुणा जोशी के घर में संदिग्ध परिस्थियों में लगी आग के मामले की जांच चल रही है। ऐसे में उनके सेवा विस्तार के लिए यूपी सरकार की पहल सभी के समझ से परे है।
क्या है सुप्रीम कोर्ट का आदेश
सेवा विस्तार के संबंध में 2005 में सुप्रीम कोर्ट ने एक आदेश पारित करते हुए सरकारों को किसी भी अधिकारी के सेवा विस्तार के मामले में निर्देश जारी किए थे। कोर्ट ने कहा था कि किसी भी अधिकारी के सेवा विस्तार में इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए कि सेवा विस्तार देते समय अधिकारी पर किसी प्रकार की जांच लंबित न हो। इसी नियम को आधार पर बनाकर डीजीपी के सेवा विस्तार को चुनौती दी गई है।
रिटायरमेंट के कुछ घंटे पहले मिला था सर्विस एक्सटेंशन
बताते चलें कि यूपी के वर्तमान पुलिस महानिदेशक अरविंद कुमार जैन एक अप्रैल को रिटायर होने वाले थे। उसी दिन सुबह उनके लिए विदाई समारोह और रैतिक परेड का आयोजन हुआ था, लेकिन कुछ घंटे बाद ही केंद्र सरकार की तरफ से उन्हें तीन महीने का सर्विस एक्सटेंशन मिल गया। इसके लिए सीएम अखिलेश ने केंद्र सरकार को चिट्ठी लिखी थी। इसके बाद पुलिस महकमे में अधिकारियों के शॉर्ट टर्म सर्विस को लेकर कई सवाल खड़े हो गए थे।

 



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