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Tuesday 21 August 2018
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दुल्हन को लेने अकेले पहुंचा दूल्हा, घरातियों द्वारा जूते-चप्पल से स्वागत

दुल्हन को लेने अकेले पहुंचा दूल्हा, घरातियों द्वारा जूते-चप्पल से स्वागत

कानपुर. न  बैंड न बाजा न ही बराती, दुल्हन लेने पहुंचा अकेले दूल्हा तो बरातियों के इंतजार में खड़े लड़की के परिजन  चौंक पड़े जब की लडकी पक्ष ने बरातियों के स्वागत में ढेरों तैयारियां की थीं, लेकिन सब धरी रह गईं। लड़की के पिता ने दूल्हे से अकेले आने का कारण पूछा तो  उसका जवाब सुनने के बाद उन्हें पुलिस बुलवानी पड़ी। पुलिस के आने से पहले वहां लोगों ने दूल्हे राजा  की पिटाई भी जमकर की ।

फर्जी निकला दूल्हा

सजेती थाना क्षेत्र निवासी राम कुमार (काल्पनिक नाम) ने अपनी बेटी की शादी रायबरेली के छतोहा निवासी मनीष से तय की थी। दोनों की शादी शनिवार को होनी थी।
राम कुमार ने बताया, “मैंने लगभग 200 बरातियों के स्वागत-भोजन का इंतजाम किया था। हम सभी बरातियों का इंतजार कर रहे थे, लेकिन दूल्हा अकेला ही पहुंचा। हमने उससे अकेले आने का कारण पूछा तो बोला कि मैं आपकी बेटी से प्यार करता हूं, लेकिन मेरे घरवाले शादी के लिए तैयार नहीं थे। इसलिए मैं अकेला ही उसे लेने आ गया।”
“उसकी बातें सुनकर मुझे शक हुआ। इसने हमें बताया था कि ये ब्लॉक प्रमुख है और किसी विधायक का भांजा था। मैंने तुरंत पुलिस को बुलाया तो उनके सामने उसने सच्चाई बताई। कोई विधायक इसका रिश्तेदार नहीं है और यह ब्लॉक प्रमुख भी नहीं है। यह झूठ बोलकर मेरी बेटी से शादी करना चाहता था।” लड़के का जवाब सुनने के बाद लड़की पक्ष के लोगों ने उसकी जमकर पिटाई की।

ऐसे शुरू हुई थी ये लव स्टोरी

राम कुमार डेढ़ साल पहले अपनी बेटी आरुषि (काल्पनिक नाम) को एसएससी की परीक्षा दिलाने के लिए अमेठी ले गए थे। वहीं उसकी मुलाकात मनीष से हुई थी। तब उसने खुद को स्थानीय ब्लॉक प्रमुख बताया था। यहीं से दोनों के बीच दोस्ती हुई और फोन पर बातें होने लगीं। धीरे-धीरे यह दोस्ती प्यार में तब्दील हो गई।
आरुषि के पिता के मुताबिक मनीष ने कहा था कि स्थानीय विधायक रिश्ते में उसका मामा लगता है। वो घर आता जाता था और परिवार में घुलमिल गया था।
लड़की के घरवालों को लड़का सही लगा। शादी की बात चली तो शनिवार 12 मई शादी का दिन तय किया गया।

दूल्हा क्या बोला -दूल्हा बनकर पहुंचे मनीष ने बताया, “मैंने कोई धोखा नहीं दिया है। राय बरेली के छतोहा में सैयद अहमद ब्लॉक प्रमुख थे। उनके पंचायत प्रमुख बन जाने के बाद मुझे टेम्पोररी बेसिस पर 6 महीने के लिए ब्लॉक प्रमुख का प्रभार सौंपा गया था। जब मेरी मुलाकात आरुषि से हुई, तब मैं ब्लॉक प्रमुख ही था।”
“मैं लड़की से प्यार करता हूं। मैंने अपने घरवालों से इस रिश्ते की बात की थी, लेकिन वो नहीं माने। इसलिए मैं अकेले आ गया। मेरी शादी में कोई आए या न आए, मुझे फर्क नहीं पड़ता। आरुषि के पिता मुझे जेल भी भिजवा देंगे, तो भी मुझे कोई गम नहीं।”सजेती थानाध्यक्ष रवि शंकर त्रिपाठी का कहना है कि अभी तक तहरीर नहीं मिली है। हमने लड़के के परिजनों को बुलाया है।



A group of people who Fight Against Corruption.


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