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Tuesday 18 September 2018
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कर्नाटक में फ्लोर टेस्ट: कोर्ट ने माना कि राज्यपाल ने अपनी शक्तियाें का गलत ढंग से इस्तेमाल किया

कर्नाटक में फ्लोर टेस्ट: कोर्ट ने माना कि राज्यपाल ने अपनी शक्तियाें का गलत ढंग से इस्तेमाल किया

नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक विधानसभा में शनिवार शाम 4 बजे फ्लोर टेस्ट कराने के निर्देश दिए। इस तरह शीर्ष अदालत ने राज्यपाल वजूभाई वाला के उस फैसले को पलट दिया, जिसमें उन्होंने बीएस येदियुरप्पा को बहुमत साबित करने के लिए 15 दिन का वक्त दिया था। येदियुरप्पा ने दावा किया कि 100 फीसदी जीत हमारी होगी। हालांकि, देर शाम इस सियासी कश्मकश में नया मोड़ तब आ गया, जब जेडीएस-कांग्रेस ने केजी बोपैया को प्रोटेम स्पीकर बनाए जाने के फैसले के खिलाफ भी सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और तुरंत सुनवाई की मांग की। सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के लिए शनिवार सुबह 10.30 का समय तय किया है। बता दें कि कर्नाटक में अभी भाजपा के पास 104, कांग्रेस के पास 78 और जेडीएस+बसपा के पास 38 विधायक हैं।

सदन में विधायकों की कुल संख्या: 224

2 सीटों पर चुनाव नहीं हुए तो संख्या: 222

कुमारस्वामी दो सीटों से चुनाव लड़े, लेकिन वोट एक होगा। अब सीटें: 221

केजी बोपैया को प्रोटेम स्पीकर चुना गया तो संख्या: 220

बहुमत के लिए जरूरी संख्या: 111

मौजूदा स्थिति में भाजपा की हार तय

बहुमत: 111

कांग्रेस (78)+ जेडीएस (38-1 स्वामी): 115, बहुमत से 4 सीटें ज्यादा

भाजपा (104)- स्पीकर: 103, बहुमत से 8 सीटें कम

प्रोटेम स्पीकर की नियुक्ति पर सुप्रीम कोर्ट गईं कांग्रेस-जेडीएस
– वजूभाई वाला ने भाजपा विधायक केजी बोपैया को प्रोटेम स्पीकर नियुक्त किया है। कांग्रेस और जेडीएस देर शाम इस नियुक्ति के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट गईं और तुरंत सुनवाई की मांग की।

– सुप्रीम कोर्ट इस मामले में शनिवार को सुबह 10.30 बजे से सुनवाई शुरू करेगा।
– इससे पहले कांग्रेस प्रवक्ता सिंघवी ने कहा, “भाजपा ने सही काम नहीं किया है, संसद में भी विधान ये है कि प्रोटेम स्पीकर का पद सदन के सबसे वरिष्ठ सदस्य को दिया जाना चाहिए।”
– बता दें कि बोपैया को 2008 में भी प्रोटेम स्पीकर चुना गया था। उधर, कांग्रेस को उम्मीद थी कि प्रोटेम स्पीकर के लिए 7 बार विधायक चुने गए आरवी देशपांडे के नाम पर राज्यपाल की मुहर लग जाएगी।

हैदराबाद से बेंगलुरु के लिए रवाना कांग्रेस विधायक

– खरीद-फरोख्त से बचाने के लिए कांग्रेस ने शुक्रवार को अपने विधायक बेंगलुरु के इगलटन रिजॉर्ट में भेजे थे। जेडीएस विधायक होटल शांगरी ला में रोके गए। इस बीच, कुछ विधायकों के लापता होने की चर्चा रही। कांग्रेस के 2 विधायक रिजॉर्ट नहीं पहुंचे थे। खबर ये भी आई थी कि कांग्रेसी विधायकों को कोच्चि ले जाने वाली तीन चार्टर्ड फ्लाइट को उड़ने की मंजूरी नहीं दी गई। गुरुवार देर रात कांग्रेस+जेडीएस विधायक बेंगलुरू से हैदराबाद शिफ्ट किए गए। शुक्रवार को कांग्रेस के विधायक हैदराबाद से बेंगलुरु के लिए रवाना किए गए।

दावे और आरोप

भाजपा:बीएस येदियुरप्पा ने कहा कि हम शनिवार को सदन में बहुमत साबित करेंगे। 100 फीसदी जीत हमारी होगी। बहुमत के लिए जरूरी संख्याबल हमारे पास है।

कांग्रेस: कांग्रेस ने एक ऑडियो क्लिप जारी की। आरोप लगाया कि रायचुर से कांग्रेस विधायक को जनार्दन रेड्डी कथिततौर पर लुभाने की कोशिश कर रहे हैं। जेडीएस ने भी आरोप लगाया कि नागथन से उनकी पार्टी के विधायक के भाजपा को समर्थन करने का दुष्प्रचार किया जा रहा है। जेडीएस नागथन विधायक देवानंद छवन को लेकर मीडिया के सामने आई और कहा कि वे हमारे साथ हैं।

– इन आरोपों पर भाजपा नेता प्रकाश जावडेकर ने कहा कि कांग्रेस ने जो ऑडियो क्लिप जारी की है वो फर्जी है। ये कांग्रेस के डर्टी ट्रिक्स डिपार्टमेंट की कलाकारी है।

एंग्लो इंडियन सदस्य की नियुक्ति नहीं होगी

– कर्नाटक के राज्यपाल द्वारा विनिषा नेराे को विधानसभा में एंग्लो इंडियन सदस्य के तौर पर मनोनीत किए जाने को भी कांग्रेस-जेडीएस ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राज्यपाल फ्लोर टेस्ट होने तक इस सदस्य को मनोनीत ना करें।

क्रॉस वोटिंग हुई तो आखिरी फैसला होने तक वोट वैध माने जाएंगे

– संविधान विशेषज्ञ सुभाष कश्यप बताते हैं, ‘‘सदन में उपस्थित सदस्यों की संख्या के आधार पर ही बहुमत तय होगा। किसी भी पार्टी का चुना हुआ सदस्य अगर बहुमत के समय सदन में गैरहाजिर रहता है या हाजिर होकर भी वोट नहीं देता या किसी दूसरे दल को वोट देता है तो इसे पार्टी के निर्देश या व्हिप का उल्लंघन माना जा सकता है।’’
– ‘‘अगर उनकी पार्टी संबंधित सदस्य के खिलाफ विधानसभा अध्यक्ष से शिकायत करती है तो इस पर सुनवाई होती है। जब तक मामला विचाराधीन रहता है, वोटों को वैध माना जाता है।’



A group of people who Fight Against Corruption.


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