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Monday 21 January 2019
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जगदीशपुर की माटी का लाल मशहूर शायर शफीक लखनऊ के कब्रिस्तान में सुपुर्दे खाक

जगदीशपुर की माटी का लाल मशहूर शायर शफीक लखनऊ के कब्रिस्तान में सुपुर्दे खाक
मशहूर शायर मुहम्मद शफीक (68) उपनाम  कैफ सिद्दीकी सुल्तानपुरी का लखनऊ में इलाज के दौरान 9दिसम्बर शनिवार को उनका इन्तकाल हो गया  जैसे ही उनके चाहने वालों को  परिवार वालों और जगदीशपुर की अवाम को मालूम हुआ कि जगदीशपुर की माटी के लाल सीनियर कांग्रेसी समाज सेवी नेता मुहम्मद रफीक वारसी उर्फ अल्लू मियां के बडे  भाई मशहूर शायर मुहम्मद शफीक का इन्तकाल हो गया  मालूम हुआ उनके चाहने वालों और परिवार में गम और आंखों में आंसू का माहौल छा गया उपनाम कैफे सिद्दीकी सुल्तानपुरी का शायरों व कवियों के बीच बहुत सम्मान था उनकी शायरी की कई किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं राजकीय सेवा से रिटायर होने के बाद भी यह सिलसिला चलता रहा जिन्दगी के आखिरी पांच छः सालों में उन्होंने कई मजहबी किताबें भी लिखी नजात दिलाने वाले पैगम्बर क़ुरआनी मशले असहाबे रसूल हजरत इब्राहीम के साथ साथ कुरान मजीद की कई मशहूर आयतों का हिन्दी में अनुवाद लगभग एक साल से बीमार थे उनकी मिटटी में शिरकत फर्मां कई जिलों के मौलाना कारी हाफिज और हजारों लोगों न उन्हें खेराजे अकीदत पेश किया इस मौके पर पूर्व मन्त्री रविदास महरोत्रा    एस पी सिटी विकास चन्द्र त्रिपाठी    सी ओ चौक दुर्गा प्रसाद  त्रिपाठी   सी ओ बाजार खाला अनिल कुमार यादव  एडिशनल एस पी  कई थानों के इंस्पेक्टर के साथ पार्षद ममता चौधरी कई और पार्षद बड़ी तादाद में शायर व कवि शहर के तमाम सम्मानित लोग व्यापारी मजदूर आदि हजारों की संख्या में सामिल हुए जिस वक़्त बूढ़े पिता हाजी मुहम्मद सईद (88) ने अपने जवान बेटे के जनाज़े को लडखडाते  हुए कन्धा दिया वहां पर मौजूद सभी  की आंखो में मोहब्बत के आंसू झलक उठे सभी ने मशहूर शायर मुहम्मद शफीक उपनाम कैफे सिद्दीकी सुल्तानपुरी को नम आँखों से लखनऊ के सुपा कब्रिस्तान बुलाकी अडडा में दफनाया और खेराजे अकीदत पेश किया
उनका एक शेर लोग हमेशा पढ़ा करते हैं
             सिर्क के मेले में उनकी खिदमतें कुछ कम नहीं
             औलियांओं ने लाज रख ली मेरे हिदुस्तान की


A group of people who Fight Against Corruption.


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