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Sunday 23 September 2018
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पसमांदा मुसलमानों का सर्वाधिक शोषण कांग्रेस ने किया-मंसूरी

पसमांदा मुसलमानों का सर्वाधिक शोषण  कांग्रेस  ने किया-मंसूरी

लखनऊ । पसमांदा मुस्लिम समाज के द्वारा रवींद्रालय में आयोजित प्रदेश  स्तरीय सम्मेलन आयोजित किया गया जिसमें मुख्य अतिथि पसमांदा मुस्लिम समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व राज्यमंत्री अनीस मंसूरी  ने कहा कि पिछड़े मुसलमानों का पिछड़ा वर्ग आरक्षण संविधान के अनुरूप है। भारत में कर्नाटक, तेलंगाना तमिलनाडु, बिहार, केरल सहित पांच राज्यों को दिया जा रहा है। दुर्भाग्य की बात है कि पिछली कांग्रेस सरकार ने इस अहम मसले को हल करवाने की दिशा में कोई कार्य नहीं किया। अब देश में भाजपा सरकार बनने के बाद हम इस सम्मेलन के ज़रिये लोकप्रिय प्रधानमंत्री माननीय श्री नरेन्द्र मोदी  से मांग करते है कि वह देश के सभी भाजपा शासित प्रदेशों में पिछड़े मुसलमानों को 27 प्रतिशत आरक्षण में से सच्चर कमेटी की रिपोर्ट के मुताबिक 8.44 प्रतिशत अलग आरक्षण दें। श्री मंसूरी ने कहा कि पसमांदा मुसलमानों का सबसे ज्यादा शोषण कांग्रेस की सरकार ने किया। पूर्व में कांग्रेस सरकार ने पिछड़ी जातियों हेतु प्रदत्त आरक्षण 27 प्रतिषत में से पिछड़े मुसलमानों को 4.5 प्रतिषत आरक्षण उच्च षिक्षा में देने का आष्वासन दिया था। जिसमें मुसलमानों के अलावा अन्य कई अल्पसंख्यक समाज के लोग सम्मिलित है। यह उचित नहीं क्योंकि पिछड़े मुसलमानों की आबादी के अनुपात का 8.44 प्रतिषत का आरक्षण बनता है। आष्वासन देने के बजाय 8.44 प्रतिषत पिछड़े मुसलमानों का आरक्षण का षासनादेष जारी कर देना चाहिए था। कांग्रेस ऐसा न कर पिछड़े मुसलमानों को गुमराह करने की साजिष की। जिसका परिणाम उसकी लगातार हार के रूप में आपके सामने है। श्री मंसूरी ने कहा कि पसमांदा मुस्लिम समाज केन्द्र सरकार से मांग करता है कि पिछड़े मुसलमानों को सरकारी/अर्द्धसरकारी सेवा, षिक्षा राजनीतिक क्षेत्रों एवं अन्य सभी क्षेत्रों में अनुपातिक भागीदारी दी जाये। केन्द्र सरकार सियासी क्षेत्र में पसमांदा मुसलमानों की भागीदारी दे। कंाग्रेस के षासन काल में धारा 341 (3) पर धार्मिक प्रतिबन्ध लगाकर मुस्लिम अनुसूचित जाति को आरक्षण से वंचित कर दिया गया। यह प्रतिबन्ध वर्श 1950 में तत्कालीन राश्ट्रपति अध्यादेष जारी कर लगाया गया। जब राष्ट्रपति के अध्यादेश से प्रतिबंध लगाया जा सकता है, तो राष्ट्रपति के ही अध्यादेश से धारा 341 पर लगे उक्त प्रतिबंध समाप्त हो सकता है। जिसे केन्द्र सरकार को करना चाहिए। इसमें सुप्रीम कोर्ट कहीं बाधक नही है। इस प्रकार धारा 341 से धार्मिक प्रतिबंध समाप्त कर हिन्दू, सिख व बौद्ध अनुसूचित जातियों की भांति मुस्लिम अनुसूचित जातियों को भी अधिकार दिया जाये। पसमांदा मुस्लिम समाज देश के पिछड़ी जातियों, अनुसूचित जातियों व अनुसूचित जन जातियों के साथ साझेदारी चाहता है तथा मुसलमानों की आबादी का 85 प्रतिशत पसमांदा मुसलमान अपनी समाजिक एवं राजनैतिक भागीदारी की मांग करता है। पसमांदा मुस्लिम समाज देश में आरक्षण की 50 प्रतिशत सीमा को पिछड़े/दलित जातियों के आबादी के अनुपात में बढ़ाने की मांग करता है। श्री अनीस मंसूरी ने कहा कि उत्तर प्रदेश के साथ-साथ पूरे देश में ’’कर्पूरी ठाकुर फार्मूला’’ के अनुसार अन्य पिछड़े वर्ग कोटा में अति पिछड़ा वर्ग के लिए अलग से आरक्षण की व्यवस्था लागू किया जाये और पसमांदा ( पिछड़े ) अधिसूचित मुस्लिम जातियों को प्राथमिकता के आधार पर सबसे ऊपर रखा जाये और खाली जगहों में बैक लाग के द्वारा भर्ती किया जाये। पसमांदा मुस्लिम समाज के प्रदेश अघ्यक्ष श्री वसीम राईनी ने कहा कि लम्बे समय से हर राजनैतिक पार्टी ने पसमांदा और दबी कुचली आवाम को महज़ वोट के लिये इस्तेमाल किया है।श्री महबूब आलम अंसारी लारी, राश्ट्रीय उपाध्यक्ष, पसमांदा मुस्लिम समाज ने कहा कि इस कौम की सच्ची हमदर्दी और उत्थान के लिये किसी ने धरातल पर कोई काम नही किया। यहां तक की सरकारी सुविधा मिलने में भी सौतेला बरताव किया जाता है। अल्पसंख्यक समुदाय के साथ दबे कुचले और पसमांदा तबके से जुड़े हुये अन्य धर्म के गरीब और मज़लूम जनता को भी हद से ज्यादा कमज़ोर होने के बाद केन्द्रीय और राज्य सरकार द्वारा वक्त वक्त पर मिलने वाली सुविधाओं से भी वंचित कर दिया गया है। अगर हुकूमतें ईमानदार है तो पसमांदा मुसलमानों को इमानदारी से उनका हक़ देना चाहिये।विषिश्ठ अतिथि के रूप में मुख्तार मंसूरी (आंवला), मो0 यूनुस मंसूरी (राजस्थान), शमीम अंसारी (उत्तराखण्ड), मो0 खालिद (छत्तीसगढ़), डा0 मखदूम अहमद (दिल्ली), मो0 अलीम गुड्डा (मध्य प्रदेश), डा0 परवेज़ आलम (बिहार), मो0 शहनवाज़ मंसूरी (हरियाणा), डा0 याकूब अली अलवी (बरेली), ने शिरकत की। इस अवसर पर पसमांदा मुस्लिम समाज के राष्ट्रीय/राज्य कार्यकारिणी के अतिरिक्त मण्डल/जि़ला कार्यकारिणी के पदाधिकारी गण एवं समाज के प्रतिनिधि भारी संख्या में उपस्थित रहे।



A group of people who Fight Against Corruption.


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