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Sunday 23 September 2018
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किसानों के साथ ये कैसा मज़ाक, कर्जमाफी वो भी 9 पैसे और 50 पैसे की

किसानों के साथ ये कैसा मज़ाक, कर्जमाफी वो भी 9 पैसे और 50 पैसे की

लखनऊ ! अब इसे मज़ाक नहीं कहा जाए तो और क्या कहा जाए की किसानो के नाम पर क़र्ज़ माफी का ढिढोरा पीटने के लिए जहाँ बड़ी रकम विज्ञापन में खर्च की गयी वहीं कर्जमाफी के नाम पर किसानो को 9 पैसे तथा 50 पैसे मात्र दिए जा रहें हैं आपको भी मेरी बात पर यकीन नहीं हो रहा होगा लेकिन यही सच है और इस सच को मैं नहीं बल्कि सम्बंधित विभाग के लोग ही उजागर कर रहें हैं !

बतातें चलें की पिछले दिनों उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के दौरान बीजेपी ने प्रदेश के किसानों के  क़र्ज़ माफ करने का वादा किया था उनके इस लोकलुभावन नारे से मंत्रमुग्ध हो  इस सूबे में किसानो के बड़े धड़े ने उन्हें बोटभी दिया था परिणामस्वरूप बीजेपी को  विधानसभा चुनाव में ऐतिहासिक कामयाबी भी मिली किसान लोकलुभावन नारों में उलझ  बीजेपी को जमकर मतदान दे तमाम सपने देखने लगा।

देश के प्रधानमंत्री  मोदी ने भी यूपी में धुवांधार रैलियाँ कर यहाँ के किसानों को जमकर लॉलीपॉप दिया तथा रैलिओं को संबोधित करते हुए उन्होंने उत्तर प्रदेश के किसानो को भरोषा देते हुए कहा  कि आपसब ने चाहा और  बीजेपी की सरकार यूपी में आई तो पहली ही कैबिनेट मीटिंग में प्रदेश के किसानों का कर्ज माफ कर दिया जाएगा भाइयों और बहनों ये हमारा आपसे वादा है।

इसमें कोई दो रे नहीं प्रदेश में बीजेपी पूर्ण बहुमत से जीती योगी ने सत्ता की बागडोर थामी सरकार बनते ही उन्होंने  छोटे और मंझोले किसानों को एक लाख रुपये तक का लोन माफ करने का ऐलान भी कर दिया। इसका पहला चरण पूरा हो चुका है, लेकिन ऋण माफी के बाद कई किसानों को लगता है कि 9 पैसे तथा 50 पैसे की कर्जमाफी कर योगी सरकार द्वारा उनके साथ भद्दा मजाक किया गया है।

मालूम हो की उत्तर  प्रदेश के किसानों की स्थिति दिनोदिन दयनीय होती जा रही है ज्यादातर किसानो पर कर्ज का बोझ है ऐसे में उन्हें कर्जमाफी की सरकार की घोषणा से काफी कुछ रहत की उम्मीद थी लेकिन कर्जमाफी के नाम पर किसी को 9 पैसे, किसी के 1 रुपये 80 पैसे, किसी के 1 रुपये 50 पैसे माफ किए गए हैं जिसे जानकर न केवल वो हैरान हैं बल्कि परेशान हो उठे हैं अब ये किसान सरकार की घोषणा और मंशा पर सवाल उठा रहे हैं । अपने किये गए वादे पर योगी सरकार अमल करते हुए किसानों के कर्ज तो माफ कर रही है लेकिन कितना क़र्ज़ माफ़ हो रहा है किसानो का इसे देख व सुनकर हर एक को किसानों पर तरस जरूर आएगा जिस तरह से कर्जमाफी की लिस्ट आउट हुई है उससे यह कहा जा सकता है की  सरकार ने निश्चित रूप से पूरे सूबे के लघु सीमांत किसानों के साथ भद्दा मजाक ही किया है।खासकर बुंदेलखंड के हमीरपुर में बेहद चौंकाने वाले मामले सामने आए हैं जहां, कुछ किसानों का 10 रुपये से लेकर 215 तक का कर्ज माफ किया गया है  बताते चलें कि हमीरपुर जिले में कुछ किसानों को बकायदा कार्यक्रम में बुलाकर 10 रुपये से लेकर 215 तक का कर्जमाफी का प्रमाणपत्र दिया गया। ऐसे में सवाल यह उठता है कि इतनी कम राशि के लिए किसानों को क्यों इतना परेशान किया जा रहा है इसी तरह बिजनौर में किसी किसान के 9 पैसे तो किसी किसान के 84 पैसे का कर्ज माफ हुआ है। पहले चरण में 22156 किसानों का ऋण माफ हुआ है। इतना ही नहीं जिले के कई किसानों पर 2 रुपये व 3 रुपये तक का कर्ज माफ हुआ।

हिंदुस्तान अखबार के मेरठ एडीसन  ने जिला कृषि अधिकारी डॉ. अवधेश मिश्र के हवाले से कुछ आंकड़े जारी किए हैं। जिनमें न्यूनतम माफी वाले किसानों की ऋणमुक्ति के बारे में बताया गया है जिसमें नौ पैसे से 57 रुपये तक की कर्जमाफी वाले किसानों के नाम हैं वहीं धनपुरा गांव के किसान शिवपाल को जो प्रमाण पत्र सौंपा गया उसमें उसके किसान क्रेडिट कार्ड में 20 हजार 271 रुपए माफ करने की बात कही गई थी। किसान ने बताया कि उसके ऊपर बैंक का 93 हजार रुपया का ऋण है। लेकिन उसका कुल 20 हजार 271 रुपए माफ किया जा रहा है। सबसे भद्दा मजाक महिला किसान शांति देवी के साथ हुआ है उमरी गांव की रहने वाली शांति के ऊपर 1.55 लाख रुपए का ऋण था। शांति का पुत्र प्रमाण पत्र लेने आया था, जिसे देखने के बाद वो सिर पकड़कर बैठ गया उसे महज 10 रुपए 37 पैसे माफ करने का प्रमाण पत्र सौंपा गया था। दूसरा किसान उमरी गांव का मुन्नीलाल था मुन्नीलाल के ऊपर बैंक का 40 हजार रुपए का ऋण था लेकिन उसे 215 रुपए माफी का प्रमाण पत्र सौंपा गया इस तरह से समझा जा सकता है की सरकार द्वारा इस तरह की कर्जमाफी किसानो को खुश करेगी या उनमे असंतोष पैदा करेगी कुछ लोगों का यह मानना है की योगी सरकार की छवि को खराब करने में जुटे हैं उनके अपने ही कुछ खास लोग, जिसके चलते तंत्र भी मनमानी कर सरकार की छवि बिगाड़ने में महती भूमिका निभा रहा है जिसकी ये एक बानगी मात्र है ! सरकार  के  आंकड़ों  के अनुसार 0 से 100 रु माफ़ हुए- 4,814 किसान,100 से 500 रु माफ़ हुए- 6,895 किसान,500 से 1000 रु माफ़- 5,553 किसान,1000 से 10000 रु माफ़- 41,690 किसान,10000 रु – 11,27890 किसान,10000 रु से ज़्यादा- 11, 86842 किसान,58, 952 किसान ऐसे हैं जिनकी कर्ज़ माफी की राशि 0 से 10000 तक है. 23 लाख किसान ऐसे हैं जिनकी कर्ज़ माफी की राशि दस हज़ार या उससे अधिक है.

 

 

 

 




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