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Thursday 15 November 2018
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एस टी ऍफ़ ने बबलू बंटी को धर दबोचा ,पहले सब्जी बेचता था आज है करोड़पति

एस टी ऍफ़ ने बबलू बंटी को धर दबोचा ,पहले सब्जी बेचता था आज है करोड़पति

लखनऊ , संवाददाता ! कल तक सब्जी बेचकर गुज़ारा करने वाले सूरज  का शातिर दिमाग जब घूमा तो वह बैंक अफसरों की मिलीभगत से करोड़ों रुपये का फर्जीवाड़ा कर न केवल करोड़ों  का मालिक  ही बना बल्कि राजसी ठाठ व ऐसोआराम की जिन्दगी जीने लगा बंटी बबली रुपी इस  दंपति को   एसटीएफ ने बुधवार रात गोमतीनगर से गिरफ्तार कर लिया। कक्षा दो पास ‘बंटी’ और पांचवीं तक पढ़ी ‘बबली’ विभिन्न बैंकों से लोन लेकर न केवल ऐशो-आराम की जिंदगी ही जी रहे थे बल्कि १५ ट्रकों के मालिक भी हो चुके थे !

बताते चलें की विजया बैंक के अफसरों ने पिछले साल दोनों के खिलाफ हजरतगंज कोतवाली में धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेज बनाने की एफआईआर दर्ज कराई थी, लेकिन पुलिस को दोनों ढूंढे नहीं मिल रहे थे। दोनों पर 12-12 हजार रुपये का इनाम भी घोषित था। एसटीएफ के एएसपी डॉ. अरविंद चतुर्वेदी को मामले की जांच मिली। इसके बाद दोनों को उनके ही घर से दबोच लिया गया।

एसटीएफ के डीआईजी मनोज तिवारी ने बताया कि जानकीपुरम निवासी सूरज मिश्रा व उसकी पत्नी शालू उर्फ शालिनी ने फर्जी दस्तावेजों की मदद से विजया बैंक की हजरतगंज शाखा से दो करोड़ रुपये का लोन लिया था। लोन अदा न करने पर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गयी । उनके ‌मोबाइल सर्विलांस पर लिए गए। तो पता चला कि दोनों गोमतीनगर में किराये के मकान में रह रहे थे। बुधवार रात एसटीएफ की टीम वहां पहुंची और दोनों को दबोच लिया। पूछताछ में सूरज ने बताया कि बैंक अधिकारियों की मिलीभगत से वह लोन पास करवाता था। घर के बाहर एक स्कॉर्पियो कार खड़ी थी महत्वपूर्ण बात यह है कि ऑडी कार भी लोन पर ही ली गई थी और फर्जीवाड़ा कर उसी कार पर दोबारा फिर लोन ले लिया गया था।

                                  15 बैंकों में हैं  खाते, एसटीएफ ब्यौरा जुटाने में जुटी
छानबीन में पता चला कि आरोपी दंपती ने विजया बैंक के अलावा बैंक ऑफ बड़ौदा, सिंडीकेट बैंक, कोटक फाइनेंस, टाटा फाइनेंस व टाटा कैपिटल सहित कई अन्य बैंकों व फाइनेंस कंपनियों से फर्जीवाड़ा कर मोटी रकम लोन लेकर डकार रखी है।सूरज के अलग-अलग 15 बैंकों में अकाउंट होने की जानकारी मिली है। एसटीएफ अब उसके सभी खातों का ब्यौरा जुटाने की तैयारी कर रहा है।मूलरूप से बस्ती का रहने वाला सूरज आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण दूसरी कक्षा तक ही पढ़ सका। बाद में सब्जी की दुकान में काम किया।2001 में लखनऊ में इलेक्ट्रॉनिक्स मार्केट में काम किया। फिर दो ट्रकें खरीदी। चार साल पहले बैक अफसरों से मिलकर फर्जीवाड़े का धंधा शुरू किया। उसकी पत्नी शालिनी कानपुर की है दोनों के एक तीन साल की बेटी भी है सूरज ने 19 ट्रकें भी  होने की जानकारी दी है खाकपति से करोड़पति हुए इस दम्पति ने एक बार फिर  फिल्म  बबलू बंटी की  यादें ताज़ा कर दी हैं !



A group of people who Fight Against Corruption.


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