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Tuesday 18 September 2018
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आंकडें बता रहे हैं यू पी में लगातार बढ़ रहा है क्राइम

आंकडें बता रहे हैं यू पी में लगातार बढ़ रहा है क्राइम

लखनऊ. 19 मार्च को यूपी में बीजेपी की सरकार बनने के बाद अपने गोरखपुर के पहले दौरे पर सीएम आदित्य नाथ योगी ने वार्निंग दी थी की अपराधियों को बख्सा नहीं जायेंगा लेकिन अब तक उनकी वॉर्निंग कोई असर होता नहीं दिख रहा है। सरकार बनते ही अपने मैनिफेस्टो में किए गए वादे के मुताबिक आदित्यनाथ ने राज्य में एंटी रोमियो स्क्वॉड का भी गठन किया, लेकिन राज्य में रेप की घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रहीं। योगी सरकार बने 3 महीने होने जा रहें हैं लेकिन क्राइम लगातार बढ़ता जा रहा है। डीजीपी ऑफिस के एक आंकड़े के मुताबिक, अप्रैल और मई महीने में हर रोज 5 रेप, 3 हत्या और 5 लूट की घटनाएं हुई हैं। हर तीसरे दिन पुलिस के आंकड़ों में एक डकैती का केस दर्ज हो रहा है। ये हाल तब है, जब जब बीजेपी ‘न गुंडाराज न भ्रष्टाचार, अबकी बार भाजपा सरकार’ का नारा देकर सत्ता में आई है।

जहां 2016 में अखिलेश कार्यकाल के दौरान अप्रैल और मई महीने में मर्डर के 101, रेप के 41, डकैती के 3 और लूट के 67 केस सामने आए थे वहीं, योगी सरकार में इन दो महीनों में मर्डर के 240 केस, रेप के 179 केस, डकैती के 20 केस और लूट के 273 केस दर्ज हुए हैं।

सपा सरकार में दो महीने के कार्यकाल के दौरान क्राइम के 212 केस सामने आए। जबक‍ि योगी सरकार में ये आंकड़ा 712 केसों तक पहुंच गया। इस तरह सपा कार्यकाल के मुकाबले योगी सरकार में यूपी में क्राइम रेट काफी बढ़ गया।

कही कहीं तो अपने ही बने लॉ एंड आर्डर को ख़राब करने की वजह

 20 अप्रैल को सहारनपुर में एडमिनिस्ट्रेशन की परमिशन न होने के बावजूद अंबेडकर शोभायात्रा निकाली गई, जिस पर पथराव हुआ। पथराव के बाद हिंसा भड़की और तोड़फोड़ हुई। बीजेपी सांसद राघव लखनपाल ने अपने सपोर्टर्स के साथ एसएसपी का घर घेर लिया। मामला बढ़ता गया और 5 मई को एक बार फिर बवाल हुआ, आगजनी हुई।

इसी तरह  26 मई को जेवर-बुलंदशहर हाईवे पर एक 40 साल के शख्स की गोली मारकर हत्या कर दी गई। उसकी पत्नी, बहन और सास के साथ बदमाशों ने गैंगरेप किया।

और  15 मई को आगरा में सर्राफा व्यापारी मयंक अग्रवाल की दुकान में करीब 6 से ज्यादा बदमाशों ने लूट की। विरोध करने पर बदमाशों ने 4 लोगों को गोली मार दी। दो की मौके पर ही मौत हो गई। दो अन्य लोग घायल हो गए। हालांकि, मामले में पुलिस ने 6 बदमाशों को अरेस्ट कर लिया।

यूपी की इन तीन घटनाओं पर योगी सरकार के खिलाफ अपोजिशन ने विधानसभा में सवाल उठाए। सरकार को जमकर घेरा गया, सीएम योगी को भी जबाव देना पड़ा। फिलहाल, योगी आदित्यनाथ को सीएम की शपथ लिए हुए 75 दिन ही हुए हैं। सरकार का कहना है कि इतने बड़े प्रदेश के लॉ एंड ऑर्डर को दुरुस्त करने में थोड़ा वक्त लगेगा।

एक्सपर्ट ने कहा- राजनीतिक दखल है बड़ा कारण
– यूपी के एक्स डीजीपी केएल गुप्ता ने कहा, ”अखिलेश सरकार के ढर्रे पर ही योगी सरकार भी चलती नजर आ रही है। यहां भी मंत्री, विधायक और लोकल नेताओं का एडमिनिस्ट्रेटिव लेवल पर खासा दखल देखने को मिल रहा है।”
– ”6 जून को भी एक बीजेपी विधायक ने रूल तोड़े जाने का विरोध करने पर होमगार्ड को थप्पड़ मार दिया। ऐसे ही सहारनपुर में बीजेपी सांसद के नेतृत्व में सपोर्टर्स ने एसएसपी लव कुमार के घर बवाल किया।”
– गुप्ता कहते हैं, ”लॉ एंड ऑर्डर दुरुस्त करने के लिए अफसरों की जिम्मेदारी तय करनी होगी। कुछ ऐसे तरीके हैं, जिन पर अमल कर स्थ‍िति में सुधार लाया जा सकता है। साथ ही क्राइम और क्रिमि‍नल्स पर नकेल कसी जा सकती है।”
एक्स डीजीपी ने बताए वो तरीके, जिनसे क्राइम हो सकता है कंट्रोल
 #जिलों में अफसरों की तैनाती लंबे वक्त तक रखनी होगी।
#अफसरों की जिम्मेदारी और जवाबदेही तय करनी होगी।
#ईमानदार और अच्छी इमेज वाले अफसरों को ज्यादा से ज्यादा तैनाती देनी होगी, ताकि जनता का पुलिस पर भरोसा कायम हो।
#पार्टी वर्कर्स के थाने पर जाने और हंगामा करने पर रोक लगानी होगी। अगर उन्हें कोई शिकायत है तो वो थाने न जाकर अपने संगठन के जरिए शिकायत दर्ज कराएं। #क्रिमिनल्स पकड़े जाएं तो उन्हें सख्त सजा मिले।
#ठोस चार्जशीट दाखिल न होने से क्रिमिनल्स को आसानी से जमानत मिल जाती है। ऐसे में पुलिस को ठोस चार्जशीट तैयार करनी चाहिए।
#क्राइम रोकने के लिए क्रिमिनल्स को जल्द सजा का प्रावधान हो।
#क्रिमिनल्स के दिल और दिमाग में पुलिस का डर होना चाहिए।
#क्राइम कंट्रोल न होने पर एनकाउंटर प्रॉसेस को फिर से लाया जा सकता है।
एक्स IAS एसपी सिंह ने गिनाई योगी सरकार की कमियां-
#सरकार बड़बोलेपन में काम कर रही है।
#राज्य में अफसर तो बदले गए, लेकिन अग्रेसिव लीडरशिप की कमी है।
#सरकार अपनी मंशा साफ नहीं कर पा रही है, जिससे अफसर कन्फ्यूज्ड हैं।
#सरकार बोल कुछ रही है और कर कुछ रही है।
#पुलिस की वर्किंग में कोई सुधार इसलिए नहीं हुआ, क्योंकि इसके पीछे लीडरशिप की कमी है।
#सीसीटीवी में बदमाश तो दिख रहे हैं, लेकिन पकड़े नहीं जा रहे हैं।
#प्रदेश में ज्यादातर हुई बड़ी घटनाओं का खुलासा नहीं हुआ। अगर हुआ है तो बरामदगी नहीं हुई।

पुल‍िस को हमारी सरकार ने दी खुली छूट: यूपी सरकार के मंत्री
– यूपी सरकार के स्पोक्सपर्सन और स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा, ”लॉ एंड ऑर्डर पहले से कहीं ज्यादा बेहतर हुआ है। लोगों का सरकार में विश्वास बढ़ा है।”
– ”पुलिस को हमारी सरकार ने खुली छूट दे रखी है। चाहे जो भी हो, अगर कानून तोड़ेगा तो कड़ी कार्रवाई होगी। हम राज्य के विकास को लेकर प्रतिबद्ध हैं।”
– ”असमाजिक तत्वों की पहचान लगातार की जा रही है। जल्द ही वो जेल में होंगे। सीएम योगी के सुशासन में कोई क्रिमिनल बच नहीं पाएगा।”
 यूपी में डर का माहौल, गमछा वाले वर्कर्स गुंडई करते हैं: विपक्ष
– सपा नेता जूही सिंह ने कहा, ”बीजेपी हर मामले में पूरी तरह से नाकाम रही है। इनकी केंद्र की सरकार महंगाई रोकने को लेकर सत्ता में आई थी, लेकिन वो कंट्रोल होने के बजाय और बढ़ती जा रही है।”
– ”यूपी में जब सपा सरकार थी, उस वक्त लॉ एंड ऑर्डर की इतनी समस्याएं नहीं थीं। उस वक्त सबसे ज्यादा क्राइम रेट मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ का था।”
– ”आज पूरे राज्य में डर का माहौल है। बीजेपी के गमछा वाले वर्कर्स गुंडई करते हैं और हर वक्त सत्ता के नशे में चूर रहते हैं। ये पूरी पार्टी भारतीय जुमला पार्टी ही है।”
– ”सपा ने सत्ता पक्ष को 6 महीने का वक्त दिया कि हो सकता है, कुछ सुधार हो जाए, लेकिन ये लोग तो अभी से हमें सड़कों पर उतरने को मजबूर कर रहे हैं।”
– ”सीएम योगी पढ़े-लिखे हैं, कई बार सांसद भी रह चुके हैं, उनसे ऐसी उम्मीद नहीं थी। उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा के नाम पर सिर्फ योजनाओं के नाम बदले हैं। जो पहले योजनाएं थीं, ये लोग उन्हें भी अभी सही से मैनेज नहीं कर पा रहे हैं।”


A group of people who Fight Against Corruption.


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