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Monday 24 September 2018
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2015 में 126 छुट्टियां हर तीसरे दिन कीजिए आराम

2015 में 126 छुट्टियां हर तीसरे दिन कीजिए आराम

इस साल यानि 2015 में कुल करीब 126 छुट्टियां होंगी। इनमें रविवार और शनिवार के साप्ताहिक अवकाश और अन्य सार्वजनिक छुट्टियां शामिल हैं। यानी साल भर में औसतन हर तीसरे दिन छुट्टी। वेबसाइट वर्किंग डेज डॉट इन के मुताबिक, 2015 में 239 वर्किंग डे हैं, जबकि 2014 में वर्किंग डेज की संख्या 242 थी। हालांकि दोनों वर्ष वीकएंड की संख्या 104 ही है।2015 में ऐसे कई मौके आएंगे जब आपके दो दिनों का वीकेंड तीन दिनों का होगा। ऐसे करीब सात मौके इस साल आएंगे। गणतंत्र दिवस, होली, गुड फ्राइडे, गांधी जयंती और क्रिसमस जैसे मौके वीकेंड के पहले या बाद आ रहे हैं। ऐसे में जिन लोगों का ऑफिस हफ्ते में पांच दिन होता है, वे इस साल छुट्टियां मनाने बाहर जा सकते हैं। दिसंबर में आपको चार दिन का वीकएंड मिल सकता है। 2015 में ईद-ए-मिलाद और क्रिसमस की छुट्टियां लगातार दो दिनों में मिलेंगी। इसके बाद वीकेंड शुरू हो जाएगा। यानी चार दिन की छुटि्टयां मिलेंगी।

वैसे, जिन लोगों को सिर्फ रविवार को ही छुट्टी मिलती है, उन्हें मायूस होने की जरूरत नहीं है। 2015 में गुड़ी पड़वा, महावीर जयंती, ईद-उल-फितर, रक्षा बंधन भी शनिवार को पड़ रहे हैं। ऐसे में वे भी दो दिन के वीकएंड का मजा ले सकते हैं। अगर थोड़ी सी प्लानिंग कर ली जाएगी तो सालभर में नियमित वीकेंड के अलावा 58 दिनों की छुट्टियां मिल सकती हैं।जिन लोगों का ऑफिस हफ्ते में केवल पांच दिन होता है, उन्हें 2015 में तीन दिनों के 7 वीकेंड मिलेंगे। कई हॉलीडे, जैसे-रिपब्लिक डे, होली, गुड फ्राइडे, महाराष्ट्र दिवस, गांधी जयंती और क्रिसमस आदि वीकेंड के ठीक पहले या ठीक बाद आने के चलते तीन दिनों के वीकेंड मिल जाएंगे। दिसंबर में तो वीकेंड की छुट्टियां चार दिन की हो जाएंगी। इस महीने ईद और क्रिसमस लगातार पड़ रहे हैं और इसके ठीक बाद वीकेंड शुरू हो जाएगा। जिनके ऑफिस में नेताजी सुभाष चंद्र बोस जयंती और बुद्ध पूर्णिमा पर छुट्टी होती है उन्हें चार दिन के दो और वीकेंड मिलेंगे। 2015 में ये दोनों छुट्टियां किसी कॉमन हॉलीडे के साथ पड़ रही हैं और इनमें बीच में शनिवार और रविवार आ रहे हैं।

 

एक छुट्टी बना देगी काम
इस साल करीब सात ऐसे मौके आएंगे जब कोई एक छुट्टी लेने से आपका वीकेंड चार दिन का हो जाएगा। कई छुट्टियां ऐसे ही मौकों के लिए और खास हो जाएंगी। न्यू ईयर डे, महाशिवरात्रि, अंबेडकर जयंती, तमिल न्यू ईयर, पारसी न्यू ईयर, गणेश चतुर्थी, बकरीद, दशहरा समेत कई छुट्टियां या तो मंगलवार को पड़ रही हैं या गुरुवार को। ऐसे में आप सोमवार या शुक्रवार की एक छुट्टी के साथ वीकेंड में दो दिन जोड़ सकेंगे।

जिन लोगों को केवल रविवार का ही ऑफ मिलता है, 2015 में उनके लिए भी छुट्टियां हैं। 2015 में गुड़ी पड़वा, महावीर जयंती, ईद-उल-फितर, रक्षा बंधन और मुहर्रम भी शनिवार को पड़ रहे हैं।

दिवाली पर ग्रैंड ब्रेक
अगर किसी को बीच में एक-दो छुट्टियां मिल जाती हैं तो इस साल नवंबर में दिवाली के मौके पर 9 दिन का शानदार ब्रेक मिल सकता है। 7-8 नवंबर का वीकेंड, 9 नवंबर का धनतेरस, 10 को नरक निवारण चतुर्दशी, 11 की दिवाली, 12 की एक कैजुअल लीव लगाइए। 13 को भाईदूज और फिर 14-15 का वीकेंड। कुल मिलाकर 9 दिन की छुट्टी। वीकएंड समेत इस बार मिलेंगी चार दिन की छुट्टी: इस साल न्यू ईयर डे, गणेश चतुर्थी, बकरीद और दशहरा गुरुवार को आ रहे हैं। इस तरह एक दिन की छुट्टी लेकर चार दिनों का वीकएंड बनाया जा सकता है। जबकि महाशिवरात्रि और अंबेडकर जयंती मंगलवार को है। ऐसे में सोमवार या शुक्रवार को केवल एक दिन की छुट्टी लेने पर आपका वीकएंड तीन दिन का हो जाएगा।

मई में 5 शुक्रवार, शनिवार और रविवार: इस साल मई में 5 शुक्रवार, 5 शनिवार और 5 रविवार होंगे। इंटरनेट पर इस तरह की काफी अफवाह चल रही है कि 823 साल बाद ऐसा हो रहा है। हालांकि यह बिल्कुल गलत है। 11 साल बाद 2026 में ही मई में ही 5 शुक्रवार, 5 शनिवार और 5 रविवार होंगे।

साल 2015 में मिलने वाली कुल 51 छुट्टियों में से 11 शनिवार और रविवार की भेंट चढ़ जाएंगी। सरकारी एवं निजी क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों को कुल एच्छिक और सार्वजनिक अवकाशों की एक बड़ा हिस्सा वीकेंड की छुट्टियों के साथ कुर्बान हो जाएगी। कुल 51 छुट्टियों में से 34 सार्वजनिक और 17 ऐच्छिक अवकाश हैं। ऐसे में जिन ऑफिसों में फाइव-डे वीक है, वहां सालभर में महज 23 छुट्टियां हीं मिल सकेंगी। साल 2014 में सरकारी कर्मचारियों को कुल 98 छुट्टियां मिली थीं। इनमें से 5 छुट्टियां शनिवार और रविवार को पड़ने की वजह से खराब हो गई थीं। इनमें मुख्य रूप से राखी, दुर्गोष्टमी, रथयात्रा शामिल थी। इस लिहाज से साल 2015 कर्मचारियों के लिए यह बुरी खबर लेकर आया है। 22 मार्च (चेटी चंड), 28 मार्च (रामनवमी), 5 अप्रैल (निषाद जयंती), 26 अप्रैल (उर्स), 3 मई (हजरत अली जयंती), 18 जुलाई (ईद), 15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस), 29 अगस्त (रक्षा बंधन), 5 सितंबर (जन्माष्टमी), 24 अक्टूबर (मोहर्रम) आदि एच्छिक और सार्वजनिक अवकाश हैं। ये शनिवार और रविवार को पड़ रहे हैं।
वीकली ऑफ और हॉलीडे के अलावा चार तरह की छुट्टियां 
किसी सरकारी, अर्द्ध सरकारी (सेमी गवर्नमेंट) संगठन या प्राइवेट फर्म में काम करने वाले कर्मचारी-अधिकारी गजटेड हॉलीडे और साप्ताहिक छुट्टियों के अलावा सामान्य तौर पर कैजुअल, सिक या प्रिविलेज लीव दी जाती हैं। सिक लीव के अतिरिक्त अन्य मामलों में कर्मचारी को छुट्टी पर जाने से पहले अपने मैनेजर से मंजूरी लेना जरूरी होता है।

कैजुअल लीव: कुछ जरूरी या अचानक आ जाने वाले कामों के लिए कैजुअल लीव ली जाती है, जैसे शॉर्ट नोटिस मिलने पर पैरेंट्स-टीचर मीटिंग में जाना। आम तौर पर कैजुअल लीव एक बार में तीन दिनों तक के लिए ली जा सकती है। लगातार तीन दिनों तक कैजुअल लीव लेने के बाद भी अगर कर्मचारी छुट्टियां लेता है तो उसे कैजुअल लीव की जगह प्रिविलेज (अर्न्ड) लीव या बीमार वगैरह होने की स्थिति में सिक लीव लेना पड़ सकता है।

सिक लीव: बीमार पड़ने की स्थिति में कर्मचारी सिक लीव ले सकता है। इसके लिए कर्मचारी को मेडिकल सर्टिफिकेट देना पड़ सकता है।

प्रिविलेज लीव: किसी अहम काम को निपटाने के लिए प्रिविलेज लीव ली जा सकती है। ऐसी छुट्टियां आम तौर पर दो-तीन दिनों से ज्यादा की होती हैं। जैसे-शादी के लिए छुट्टी।

मैटर्निटी और पैटर्निटी लीव: कामकाजी महिलाओं को प्रेग्नेंट होने पर तीन से छह महीने की छुट्टी दिए जाने का प्रावधान है। इसे मैटर्निटी लीव कहा जाता है। कुछ कंपनियों में पैटर्निटी लीव दी जाती है। ऐसी छुट्टियां पिता बनने वाले पुरुष कर्मचारी को दी जाती है। आम तौर पर यह छुट्टी एक हफ्ते से लेकर दो हफ्ते तक होती है। लेकिन पैटर्निटी लीव पर अक्सर बंदिश होती है कि दो बच्चों के जन्म तक ही इसे लिया जा सकता है। यानी किसी पुरुष कर्मचारी के तीसरी बार पिता बनने पर जरूरी नहीं है कि उसे पैटर्निटी लीव मिले।

भारत में सिर्फ तीन नेशनल पब्लिक हॉलीडे: भारत में सिर्फ तीन राष्ट्रीय सार्वजनिक अवकाश हैं। स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस और गांधी जयंती। इसके अलावा राज्य सरकारें अपने-अपने नियमों के मुताबिक छुटिट्यां घोषित करती हैं।

 

 

 

 



A group of people who Fight Against Corruption.


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