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Saturday 17 November 2018
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मोदी सरकार किसान विरोधी : अन्ना हजारे

मोदी सरकार किसान विरोधी : अन्ना हजारे

हाल ही में अन्ना हजारे ने अपने फेसबुक पेज में हिंदी और मराठी में यह एक लेख जारी किया है। इस लेख में मोदी सरकार द्वारा लागू किए गए भूमि अधिग्रहण कानून के प्रावधानों को किसानों के खिलाफ बाताते हुए मोदी सरकार को किसान विरोधी करार दिया है। अन्ना ने आगे लिखा है कि इस कानून का मकसद कृषि योग्य भूमि को उद्योगपतियों के हवाले करना है।

अन्ना ने सवाल उठाया कि भूमि अधिग्रहण कानून से किसका भला होने वाला है? उन्होंने आरोप लगाया है कि सरकार ने ग्राम सभा के अधिकारों को कम करके लोकतंत्र का गला घोंटने का काम किया है। अन्ना ने अपने ब्लॉग में लिखा है कि आजादी के 68 साल बाद भी किसान आत्महत्या कर रहे हैं यह दुर्भाग्यपूर्ण है।

नए भूमि अधिग्रहण कानून से किसानों की आत्महत्याएं बढ़ने की संभावना है। विकास के नाम पर मोदी सरकार किसानों के साथ धोखा कर रही है। उन्होंने लिखा है कि भूमि अधिग्रहण कानून में से 70 प्रतिशत किसानों की रजामंदी की शर्त हटाना गलत है। सरकार मनमर्जी से फैसले ले रही है।

पुराने कानून को सही ठहराते हुए अन्ना ने लिखा कि उसमें यह प्रावधान था कि अधिग्रहित भूमि पर अगर पांच साल में विकास काम नहीं हुआ तो वह जमीन किसान को वापस मिल जाती थी, पर सरकार ने यह शर्त हटाकर किसान से जमीन छीनकर उद्योगपतियों को जमीन का पर्मानेंट मालिक बना दिया है। मोदी सरकार ने राष्ट्रहित के नाम पर अपने चहेते लोगों के हित साधने का रास्ता साफ किया है। उन्होंने सवाल उठाया कि सरकार के इस अध्यादेश में और अंग्रेजों के दमनकारी शासन में क्या फर्क है? अब अन्ना के इस बयान का असर कैसे दिल्ली चुनाव को प्रभावित करता है यह आने वाले दिनों में ही पता चलेगा।



A group of people who Fight Against Corruption.


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