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Monday 24 September 2018
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मिला विमान का मलवा, नहीं बचा कोई यात्री

मिला विमान का मलवा, नहीं बचा कोई यात्री

जकार्ता !   इंडोनेशिया से रविवार को सिंगापुर के लिए उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद लापता हुए एयरएशिया का मलबा मंगलवार को जावा सागर में खोज लिया गया। इंडोनेशिया ने मंगलवार को इस बात की पुष्टि कर दी कि जावा सागर में मिला मलबा लापता एयरएशिया विमान का ही है। मलबे वाले स्थान के पास से 40 यात्रियों के शव भी बरामद किए जा चुके हैं। इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विदोदो ने मीडिया से कहा कि उन्होंने खोजी दलों को यात्रियों और चालक दल को ढूंढने पर ध्यान केंद्रित करने को कहा है।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, इंडोनेशिया की राष्ट्रीय तलाश एवं बचाव एजेंसी के प्रमुख बामबैंग सुलिस्तयो ने कहा, “हमें 95 फीसदी भरोसा है कि पाया गया मलबा इंडोनेशिया के सुराबाया शहर से उड़ान भरने वाले लापता एयरएशिया विमान का ही है।” एयरबस ए320-200 में 162 यात्री सवार थे।
समाचार चैनल बीबीसी के मुताबिक, इंडोनिशियाई नौसेना ने तलाशी अभियान के दौरान चिह्नित जगह से अब तक 40 यात्रियों के शव बरामद कर लिए हैं।
इंडोनेशिया वायुसेना के एक वरिष्ठ अधिकारी दवी पुत्रांतो ने कहा कि बोर्नियो द्वीप के मध्य कालीमंतन प्रांत के पंगकलन बन से 190 किलोमीटर दूर ये मलबे पाए गए हैं।
तलाशी अभियान में शामिल एक पायलट ने कहा कि उसने उसी इलाके में शवों तथा मलबों को देखा है।
एयरएशिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) टोनी फर्नाडीज ने हादसे के शिकार लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
उन्होंने ट्वीट किया, “एयरएशिया की तरफ से मैं संवेदना व्यक्त करता हूं। मैं कितना दुखी हूं, इसे शब्दों में बयां नहीं कर सकता।”
वायुसेना के एक अधिकारी ने कहा कि खोज क्षेत्र में मलबों के 10 टुकड़े तथा सफेद रंग की कई वस्तुएं मिली हैं, जहां एयरबस ए320-200 नियंत्रण कक्ष से संपर्क टूटने से पहले आखिरी बार देखा गया था।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, इससे पहले लोंग द्वीप में धुआं उठता भी देखा गया था।
इंडोनेशिया के कार्यवाहक परिवहन निदेशक जोको मुर्जात्मोजो ने कहा, “इसकी पुष्टि हो गई है कि सफेद और लाल रंग का जो मलबा मिला है, वह लापता विमान का ही है।”
उल्लेखनीय है कि इंडोनेशिया के पूर्वी जावा प्रांत में सुराबाया से सिंगापुर के लिए उड़ान भरने के 42 मिनट बाद ही विमान का संपर्क नियंत्रण कक्ष से टूट गया था।
जोको ने कहा, “राष्ट्रीय खोज एवं राहत एजेंसी की मदद से बचाव कार्य अब उस स्थान पर केंद्रित होगा, जहां मलबे मिले हैं।”
वहीं, एजेंसी के प्रवक्ता ने बताया कि समुद्र के ऊपर गश्त करने वाले इंडोनेशिया के विमान ने सबसे पहले मलबों को ढूंढ़ा।
उन्होंने बताया कि मलबों के बारे में दो मछुआरों ने सूचना दी थी। मछुआरों ने कहा था कि उन्होंने रविवार सुबह विस्फोट होते देखा था और धमाका सुना था।



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