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Thursday 15 November 2018
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लखनऊ ब्यूरो !  कुशीनगर के जिला अस्पताल में एक बार फिर जिम्मेदारों की संवेदनहीनता की पराकाष्ठा रविवार को देखने को मिली। पडरौना क्षेत्र के खां खड्डा निवासी एक बच्चे की ईंट भट्ठे के गड्ढे में डूबने से  सुबह हालत खराब हो गई। परिवारीजन युवक को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। यहां पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

बच्चे की मौत के बाद परिवारीजन शव को घर ले जाने के लिए अस्पताल प्रशासन से एंबुलेंस की मांग की। एंबुलेंस नहीं मिलने की दशा में मृतक का भाई कंधे पर उसका शव लेकर अस्पताल परिसर में दर-दर भटकता रहा। परेशान परिवारीजन शव को कुछ दूर साइकिल व बाद में बाइक से लेकर घर पहुंचे।

बताया जाता है की खां खड्डा निवासी कलीमुद्दीन का बेटा रेहान अपने पांच साथियों के साथ गांव के बगल में स्थित ईंट भट्ठे के बने गड्ढों के समीप गया था। इस दौरान गड्ढे में पैर पिसलने से रेहान डूब गया। उसके साथियों के शोर करने पर मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने उसे बाहर निकालकर इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया। यहां पर इलाज के दौरान चिकित्सकों ने रेहान को मृत घोषित कर दिया। मृतक के भाई व पिता कलीमुद्दीन के मुताबिक अस्पताल प्रशासन से शव को घर ले जाने के लिए एंबुलेंस की मांग की गई।

जिला अस्पताल द्वारा एंबुलेंस की सुविधा उपलब्ध नहीं कराने की दशा में मृतक का भाई शव को कंधे पर लेकर जिला अस्पताल परिसर में दर-दर भटकता रहा। काफी देर बाद अस्पताल से कोई मदद नहीं मिलने पर परिवारीजन साइकिल से शव को लेकर घर के लिए रवाना हुए। एक किमी बाद रास्ते में उक्त लोगों से गांव के शेरू नामक युवक से मुलाकात हुई। शेरू ने बाइक पर शव के साथ उन्हें बैठाकर घर पहुंचाया। घर पर शव पहुंचते ही परिवारीजनों में कोहराम मच गया। वहीं जिला अस्पताल के जिम्मेदारों इस संवेदनहीनता को लेकर ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है।
सीएमएस की सफाई, नहीं मिली जानकारी
लोगों की मांग पर शव को घर ले जाने के लिए जिला अस्पताल से एंबुलेंस मुहैया कराई जाती है। शव को कंधे पर लेकर अस्पताल परिसर में भटकने की जानकारी नहीं है। इसके बारे में पता लगाया जाएगा। डा. लालता प्रसाद, सीएमएस-जिला अस्पताल



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