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Saturday 17 November 2018
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…सियासत हुई पूंजीपतियों की रखैल

…सियासत हुई  पूंजीपतियों की रखैल

लखनऊ। जनता के शायर अदम गोंडवी की तीसरी बरसी के मौके पर जन संस्कृति मंच की ओर से सोमवार को ‘यादें-अदम’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम लेनिन पुस्तक केंद्र, लालकुआं में हुआ। अध्यक्षता उर्दू शायर तश्ना आलमी ने की तथा संचालन किया कवि उमेशचन्द्र नागवंशी ने। इस अवसर पर अदम गोंडवी की रचनाओं का पाठ हुआ। उनकी कई गजलें सुनाई गईं। उनकी रचनाओं में इतिहास खुलकर सामने आता है। वे अपनी गजल में कहते हैं ‘सौ में सत्तर आदमी फिलहाल जब नाशाद हैं। दिल पर रखकर हाथ कहिए, देश क्या आजाद है।’ अदम की रचनाओं में यह सामने आता है कि आज की राजनीति पूंजीपतियों की रखैल हो चुकी है और इस व्यवस्था को बदले बिना आमजन का भला होने वाला नहीं। अपनी अखिरी गजल में इसे वे यूं व्यक्त करते हैं ‘जब सियासत हो गई है पूंजीपतियों की रखैल। आम जनता को बगावत का खुला अधिकार है।’ इस अवसर पर जहां उनके साथ की यादों को वक्ताओं ने साझा किया, वहीं उनकी कविताओं पर भी लोगों ने अपनी बातें रखीं। गोंडा से आए संस्कृतिकर्मी कृष्ण्कान्त धर ने अदम गोंडवी की विकास यात्रा तथा ‘पहचान’ संस्था से उनके जुड़ाव की चर्चा करते हुए कहा कि अदम सामंतवाद विरोधी किसान आंदोलन की उपज थे। जसम लखनऊ के संयोजक श्याम अंकुरम ने कहा कि आज उनका परिवार भारी संकट में है। यहां तक कि प्रकाशकों ने उनकी पत्नी व पुत्र को उनकी किताबों के कॉपी राइट से वंचित कर दिया है। इसका विरोध किया जाना चाहिए तथा प्रकाशक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। श्याम की बात का समर्थन करते हुए कवि व आलोचक चन्द्रेश्वर ने इस संबंध में प्रस्ताव पेश किया और कहा कि गोंडा, बलरामपुर सामंतवादियों का गढ़ है। अदम की रचनाओं में इसके विरुद्ध संघर्ष है। भले ही उन्होंने स्कूली पढ़ाई ज्यादा न की हो पर उन्हें प्रगतिशील व जनवादी साहित्य परम्परा की अच्छी समझ थी। इससे अपने को उन्होंने जोड़ा। यह अलग बात है कि सभी मंचों पर जाने की वजह से कुछ पराई प्रवृतियों के भी वे शिकार हुए। जसम के प्रदेश अध्यक्ष व कवि कौशल किशोर ने कहा कि उन्होंने जनता की भाषा में जनता की शायरी की। दुष्यंत कुमार के बाद वह हिंदी के ऐसे शायर रहे जिनके तमाम अशआर नारे बन गऐ। रेवान्त की संपादक डॉ. अनीता श्रीवास्तव, एपवा की विमला किशोर, इप्टा की कल्पना पांडेय, कवि बी एन गौड़ आदि ने भी अपने विचार प्रकट किए। इस मौके पर अदम गोंडवी के पुत्र आलोक कुमार भी उपस्थित थे।



A group of people who Fight Against Corruption.


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